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त्योहारों से पहले चीनी के दाम में आग: मिल में पड़ा 80 हजार क्विंटल स्टॉक, फिर भी 70 रुपये किलो खरीदने को मजबूर लोग

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:10 PM (IST)

बदायूं में त्योहारों से पहले चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे रसोई का बजट ...और पढ़ें

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HighLights

  1. व्यापारी बोले- बाजार में चीनी की कमी से बढ़ रहे दाम, मिल भी उपलब्ध नहीं करा रहीं चीनी

जागरण संवाददाता, बदायूं। बाजार में एक बार फिर चीनी के दाम बढ़ गए हैं। इस समय दुकानों पर चीनी 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इससे लोगों की रसोई और महंगी हो गई है और घर का बजट बिगड़ने लगा है। त्योहारों के सीजन में चीनी के दाम बढ़ने से आम आदमी की परेशानी बढ़ी है।

हैरानी की बात ये है कि जिले में चीनी की कमी नहीं है। शेखूपुर चीनी मिल में ही करीब 80 हजार क्विंटल चीनी का स्टाक पड़ा हुआ है। इसके बावजूद बाजार के व्यापारियों को चीनी नहीं मिल पा रही है।

व्यापारी चीनी के लिए तरस रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें समय पर और पर्याप्त मात्रा में चीनी ही उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे व्यापारी और ग्राहक, दोनों परेशान हैं।

जिले के व्यापारियों का कहना है कि बाजार में ऊपर से ही चीनी नहीं आ पा रही है। इस समय चीनी की आवक बहुत कम है। जिसकी वजह से चीनी के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

व्यापारियों का यह भी कहना है कि शेखूपुर चीनी मिल में चीनी काफी मात्रा में है, लेकिन वहां से सीधे सप्लाई नहीं दी जा रही है। इसी कारण व्यापारियों के पास तक चीनी नहीं पहुंच रही है।

उनका कहना है कि अगर मिल से सीधे चीनी की सप्लाई कर दी जाए, तो न तो व्यापारी परेशान होंगे और न ही दाम बढ़ेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इससे व्यापारियों में भी आक्रोश है।

उनका कहना है कि स्टाक होने के बाद भी सप्लाई न मिलना समझ से परे है। कुल मिलाकर मिल में स्टाक और बाजार में किल्लत के बीच का यह अंतर ही दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बन गया है। व्यापारियों की मांग है कि प्रशासन और मिल प्रबंधन इस पर ध्यान दें, ताकि बाजार में चीनी की सप्लाई सामान्य हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

मिल में स्टाक, बाजार में किल्लत

जिले की शेखूपुर चीनी मिल में करीब 80 हजार क्विंटल चीनी का स्टाक मौजूद है। इसके बावजूद नगर के व्यापारियों का कहना है कि उन्हें मिल से सीधी सप्लाई नहीं मिल रही है। बाहर से आवक कम होने के कारण बाजार में चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

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