बरेली के माथे से हटेगा कचरे का दाग: 5 साल के इंतजार और 7 टेंडर के बाद 28 से शुरू होगा कूड़ा प्लांट
बरेली के सथरापुर में 27 करोड़ रुपये की लागत से बना 500 टन क्षमता वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 28 ...और पढ़ें

सथरापुर प्लांट
HighLights
संचालन शुरू होने से बाकरगंज में एकत्र कचरे के निस्तारण को मिलेगी रफ्तार
सथरापुर में 27 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराया गया प्लांट
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के माथे पर कचरे का दाग अब जल्द ही खत्म होगा। नगर निगम ने 28 अक्टूबर से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट संचालन का निर्णय लिया है। शनिवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अधीनस्थों के साथ बैठक कर प्लांट संचालन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था को भी बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा कराने को कहा।
शहर से हर दिन निकलने वाले 450 टन से अधिक कूड़े को बाकरगंज में एकत्र किया जा रहा है। तीन लाख टन से अधिक एकत्र कूड़े का पहाड़ होने के कारण आमजन को दुर्गंध, गंदगी और प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ता है।
इससे मुक्ति दिलाने की जिस परियोजना का इंतजार पांच साल से था, वह अब जमीन पर उतरने के करीब है। सथरापुर में 27 करोड़ से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनकर तैयार है।
संचालन के लिए सातवीं बार हुई निविदा प्रक्रिया के बाद दिल्ली की पाथ्या एजेंसी का चयन किया गया है। मशीनों का ट्रायल पूरा होने के बाद अब प्लांट के संचालन की तैयारी है। इसके शुरू होने से बाकरगंज में जमा कूड़े के निस्तारण में तेजी आने और शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 500 टन कूड़े के निस्तारण की है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार नए प्लांट के संचालन से कचरे के व्यवस्थित निस्तारण का रास्ता खुलेगा।
कूड़े से बनेगी गैस और खाद, प्रति टन 446 रुपये वहन करेगा निगम
सथरापुर प्लांट में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके निस्तारित करने की योजना है। गीले कचरे से जैविक खाद और बायो गैस तैयार करने की दिशा में भी काम होगा।
इसके लिए इंडियन आयल कारपोरेशन के सहयोग से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किया जा रहा है। जबकि गैस संयंत्र के लिए निवेश और व्यवस्थाएं आइओसी की ओर से की जाएंगी।
इससे कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने का अवसर मिलेगा। प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी पाथ्या एजेंसी को सौंपी गई है। नगर निगम एजेंसी को प्रति टन कचरे के निस्तारण पर 446 रुपये का भुगतान करेगा।
दावा किया कि प्लांट के चलते ही बाकरगंज में पहले से जमा कचरे का निस्तारण तेज किया जाएगा। घरों से गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग उठाने पर फोकस लगातार बढ़ाया जा रहा है।
प्लांट तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कूड़ा खुले में न पड़े और प्रसंस्करण के दौरान दुर्गंध या प्रदूषण की समस्या न आए इसके लिए कार्यदायी संस्था विशेषज्ञों की मदद से काम कर रही है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम की ओर से वर्ष-2021 से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया की जा रही है, मगर किसी भी अधिकारी ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई। वर्तमान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने शासन स्तर पर ठोस पहल कर निविदा प्रक्रिया को पूर्ण कराकर संचालन का रास्ता तैयार कराया।
सथरापुर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनकर तैयार है। 28 अक्टूबर को प्लांट का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा। प्लांट के चलने से बाकरगंज में एकत्र कूड़े को जल्द खत्म किया जा सकेगा।
- संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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