85 साल के बुजुर्ग से ₹25.8 लाख की ठगी: बैंक अधिकारी बनकर भेजा लिंक, 30 लाख की FD तोड़कर कराया ऑनलाइन लोन
बरेली में 85 वर्षीय बुजुर्ग सुदर्शन सहगल साइबर ठगी का शिकार हुए। ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर सीनियर सिटीजन हेल्थ ...और पढ़ें

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HighLights
साइबर ठगों ने आखिरी दिन होने के बहाने लिंक भेजकर फार्म भरवाया
जागरण संवाददाता, बरेली। सीनियर सिटीजन हेल्थ बीमा कराने के बहाने साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर 85 वर्षीय बुजुर्ग सुदर्शन सहगल को अपने झांसे में ले लिया। ठग ने मोबाइल पर लिंक भेजकर फार्म भरवाने के बहाने खाते की जानकारी जुटाई और फिर 30 लाख की एफडी तोड़कर आनलाइन 27 लाख का लोन कर 25.79 लाख रुपये ठग लिए। बुजुर्ग के शिकायती पत्र पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कमला कालोनी, स्टेशन रोड निवासी सुदर्शन सहगल की रोडवेज के पास इलेक्ट्रानिक्स की शाप है। इस शाप पर उनका बेटा बैठता है। उनका दूसरा बेटा किला में मर्चेंट का काम करता है।
उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से 13 जुलाई को 30 लाख की एफडी पंजाब एंड सिंध बैंक में कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास 13 अक्टूबर की रात नौ बजे फोन आता है।
फोन करने वाला खुद को बैंक का अधिकारी बताता है। वह सीनियर सिटीजन इंश्योरेंस प्लान की जानकारी देता है। वह कहता है कि योजना बैंक की ओर से संचालित है और आखिरी दिन होने की वजह से रात में फोन कर रहा है।
वह उनसे एक फार्म भरने का आग्रह करता है। इसके बाद वह लिंक भेजता है। वह लिंक खाेलते हैं तो ओटीपी और मैसेज आते हैं। जब उन्हें शक होता है तो वह नंबर ब्लाक कर देते हैं और रात 10 बजे ही अपना सेविंग अकाउंट भी फ्रीज करा देते हैं।
उन्हें 10 बजे ही उन्हें मैसेज से पता चलता है कि कोई नया खाता खोला गया है। इस पर वह बैंक मैनेजर को फोन कर रात में ही पूछते हैं तो बताया जाता है कि उनकी एफडी पूरी तरह से सुरक्षित है।
जब वह सुबह बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाते हैं तो पता चलता है कि उसी बैंक से 27 लाख रुपये का लोन दिया गया है। इस लोन खाते से 25,79,554 रुपये निकाल लिए गए। उनका आरोप है कि पूरे प्रकरण में बैंक की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है।
वह पहले कोतवाली में शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन मामला अधिक रकम होने की वजह से साइबर अपराध थाना भेजा गया, जहां पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली।
साइबर अपराध थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि साइबर ठगों ने एफडी तोड़कर आनलाइन ही लोन कर लिया। अब तक की जांच में आया है कि 15 लाख रुपये ही ठगी के पार हुए हैं। ठगी की रकम वापस कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
