बरेली में सेवानिवृत्त एसीएमओ का सिम चोरी कर 12 लाख निकाले, आरोपी गिरफ्तार
सेवानिवृत्त एसीएमओ डॉ. आदर्श संघी के बैंक खाते से साइबर ठग ने सिम चोरी कर फोन पे के माध्यम से ...और पढ़ें
HighLights
सेवानिवृत्त एसीएमओ के खाते से 12 लाख रुपये की साइबर ठगी।
आरोपी सचिन शर्मा ने सिम चोरी कर फोन पे से निकाले पैसे।
बरेली में एफडी और एपीके फाइल से भी ठगी के मामले।
जागरण संवाददाता, बरेली। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. आदर्श संघी के बैंक खाते से साइबर ठग ने फोन पे के माध्यम से 12 लाख रुपये निकाल लिए। यह रकम एक दो बार में नहीं बल्कि कई महीनों में निकाली गई थी। हैरत इस बात की थी डॉ. आदर्श कीपैड फोन चलाते हैं और उन्होंने कभी कोई यूपीआइ इस्तेमाल नहीं किया।
मामले में जुलाई में प्राथमिकी लिखी गई थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सुभाषनगर के गणेश नगर निवासी सचिन शर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार लिया कि उसने डॉ. आदर्श के फोन से सिम चोरी की और उसे अपने फोन में डालकर यह रकम निकाली थी। उसे जेल भेज दिया गया है।
डॉ. आदर्श संघी सिविल लाइंस में साल्वेशन आर्मी रोड पर रहते हैं। वह अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके घर के सामने स्वास्तिक कालोनी में सचिन शर्मा गार्ड की नौकरी करता था।
साइबर थाना पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की और ट्रांजेक्शन की डिटेल देखी तो सचिन के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार किया और पूछताछ की। उसने बताया कि डॉ. आदर्श के घर में वह कभी-कभी जाता था। उसने एक बार उनके फोन से सिम निकालकर अपने फोन में फोन पे इंस्टाल किया और कुछ ट्रांजेक्शन कर लिए। इसके बाद फोन में सिम वापस डाल दिया।
इससे डॉ. आदर्श को कुछ भी पता नहीं चला। इससे उसके मन में लालच आ गया और उसने उनके घर में काम करने वाली महिला से मित्रता कर ली। जब भी उसे रुपयों की जरूरत होती तो वह महिला से माध्यम से तो कभी अकेले उनके घर जाता और सिम अपने फोन में डालकर ट्रांजेक्शन कर लेता था।
आरोपित ने एक साल में करीब 12 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन किए। इसकी जानकारी डॉ. संघी को जुलाई 2026 में तब हुई जब वह बैंक पहुंचे। खाते में धनराशि देखकर उनके होश उड़ गए।
बैंक ने कहा कि यह सभी ट्रांजेक्शन यूपीआइ के माध्यम से हुए हैं। मामले में उन्होंने साइबर थाने में प्राथमिकी लिखाई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपित सचिन को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने एक स्मार्ट मोबाइल और दो सिमकार्ड बरामद किए हैं। सचिन को जेल भेज दिया गया है।
समय से पहले क्रेडिट की 11 एफडी, फिर उड़ाए रुपये
साइबर ठग किसी न किसी तरह से लोगों के रुपये उड़ा रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने पहले समय से पहले 11 एफडी को तोड़ा और फिर उस रुपये को खाते से उड़ा दिया। मामले में इज्जतनगर थाने में प्राथमिकी लिखी गई है।
गायत्रीपुरी कालोनी निवासी संजय कुमार प्रधान ने पुलिस को बताया कि, उनका यूको बैंक की नैनीताल रोड शाखा में बचत खाता है। उन्होंने बैंक की एप के जरिए अलग-अलग तिथियों में 25-25 हजार रुपये की 11 एफडी कराई थीं। इन एफडी में कुल 2.75 लाख रुपये जमा थे।
आरोप है कि नौ सितंबर को सभी 11 एफडी को बिना मैच्योरिटी और उनकी अनुमति के समय से पहले खाते में क्रेडिट कर दिया गया।
इसके बाद इआरटीजीएस के माध्यम से तीन लाख रुपये उनकी सहमति के बिना किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। मामले की जानकारी होने पर उन्होंने 10 सितंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और अब इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गलती से डाउनलोड हुई एपीके फाइल, खाते से उड़े 97 हजार
किला के जकाती स्ट्रीट निवासी अभिषेक सक्सेना ने प्राथमिकी लिखाई है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को सुबह उनसे गलती से एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई।
उन्होंने उसे हटाने और रोकने का काफी प्रयास किया मगर तब तक उनके खाते से ठगों ने 97 हजार रुपये निकाल लिए। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और अब किला थाने में प्राथमिकी लिखी गई है।
