'तेरा वेतन काट लूंगा, तुुुझे निलंबित कर दूंगा...': बरेली में जब रामलीला के मंच पर ही बाली से भिड़ गए थे सुग्रीव
राजेंद्र नगर की उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला में 2002 में बाली-सुग्रीव युद्ध के दौरान एक मजेदार घटना घटी, जब ...और पढ़ें

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HighLights
राजेंद्र नगर में 44 साल खेली जा रही रामलीला, आईवीआरआई के अधिकारी और कर्मचारी करते थे अभिनय
मनीस पांडेय, बरेली। वर्षों पूर्व नौकरी के लिए कुमायूं के लोगों ने बरेली में बसना शुरू किया। वह न सिर्फ अपने परिवार के साथ यहां आए बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी लाए। उन्हीं में एक धरोहर गायन शैली की रामलीला भी है। लोगों ने मिलकर मंच तैयार किया और रामलीला का मंचन शुरू हुआ। राजेंद्र नगर की उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला भी उन्हीं में एक है।
अपने 44वें वर्ष में प्रवेश कर रही रामलीला में कभी आईवीआरआई के अधिकारी और कर्मचारी भी अभिनय करते थे। अब युवाओं पर इस परंपरा को आगे बढ़ाने का जिम्मा है। पुराने लोग उन्हें प्रशिक्षण और अन्य सहयोग में साथ रहते हैं। उन्हें पुराने किस्से भी सुनाते हैं। इस बार रामलीला का आयोजन 14 से 21 अक्टूबर तक किया जाएगा।
रामलीला के निर्देशक रमेश चंद्र पंत ने बताया कि मंचन के दौरान कई बार ऐसे प्रसंग हो जाते हैं, जो वर्षों बाद भी लोगों को गुदगुदाते हैं। उन्होंने बताया कि करीब वर्ष 2002 में बाली और सुग्रीव के युद्ध का मंचन किया जा रहा था।
सुग्रीव की भूमिका आईवीआरआई के फार्म मैनेजर भूपेंद्र सिंह नेगी निभा रहे थे, जबकि बाली की भूमिका आईवीआरआई फार्म के ही श्रमिक मोहन राम निभा रहे थे।
मंचन के दौरान मोहन राम ने गदा से प्रहार किया तो वह गलती से भूपेंद्र सिंह नेगी की नाक पर लग गई। चोट लगने से उनकी नाक से खून निकलने लगा।
इससे तिलमिलाए सुग्रीव बने भूपेंद्र सिंह नेगी ने मंच पर ही बाली बने मोहन राम को डांटते हुए कहा कि मेरी नाक पर चोट कैसे मार दी। आफिस का बदला रामलीला में निकाल रहा है।
इसके बाद उन्होंने माइक पर ही चिल्लाते हुए कहा कि तेरा वेतन काट लूंगा, तुझे निलंबित करा दूंगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि तेरा प्रमोशन नहीं होने दूंगा और सीआर खराब कर दूंगा।
अधिकारी और कर्मचारी के बीच मंच पर हुई यह बातचीत सुनकर दर्शक हंसी से लोटपोट हो गए। निर्देशक व अन्य आयोजकों ने जल्दबाजी में पर्दा गिरा दिया। माइक बंद कर उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया। समझाने के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ तो उन्होंने मोहन राम को माफ कर दिया।
फिलहाल इन दिनों रामलीला मंचन से पहले अभ्यास सत्र चल रहा है। रामलीला की तैयारियों में समिति अध्यक्ष गोपाल दत्त अमोला, सचिव कैलाश चंद्र पंत, मोहन चंद्र पाठक, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र पंत, सतीश चंद्र जोशी, घनश्याम पांडेय आदि जुटे हैं।
