ट्रेन की खुली खिड़की बन सकती है 'काल': सीमांचल हादसे के बाद भी नहीं चेता रेलवे, जननायक एक्सप्रेस में दिखी बड़ी लापरवाही
सीमांचल एक्सप्रेस हादसे के बाद भी रेलवे की लापरवाही जारी है, जहां बरेली जंक्शन पर जननायक एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों ...और पढ़ें

यात्रीगण कृप्या ध्यान दें: बरेली के प्लेटफार्म संख्या तीन पर रुकते ही जननायक ट्रेन के लिए यह अनाउंसमेंट हुई, यात्री डिब्बे में सवार हुए। फिर शुरू हुआ सिस्टम की लापरवाही और खतरे का सफर। खिड़कियों से गायब शीशे देखकर बच्चों संग पहुंचे अभिभावक सिहर से गए। उन्होंने उदास मन से टिकट देखा, जिस पर लिखा था 'आपकी यात्रा मंगलमय हो'। कई सवाल, मायूस चेहरा और सुरक्षा की चिंता लिए परिवार आगे बढ़ा, फिर डर के साये में सीट मिलने की खुशी के बीच बुजुर्ग और युवा खिड़की किनारे बैठकर सिस्टम को कोसते दिखे। -अजय शर्मा
HighLights
जननायक एक्सप्रेस की आपातकालीन के साथ पूरे कोच की सभी खिड़कियां खुली पड़ीं
वाराणसी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों की आपातकालीन खिड़कियों की सरियां हैं गायब
जागरण संवाददाता, बरेली। फतेहपुर में सीमांचल एक्सप्रेस की आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) से नौ महीने के बच्चे की गिरकर मौत की घटना ने ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुली खिड़कियों से बच्चे तो क्या बड़े भी बाहर गिरकर चोटिल या जान गवां सकते हैं।
बरेली जंक्शन पर रविवार को जननायक एक्सप्रेस की स्थिति और भी चिंताजनक मिली। इसकी आपातकालीन खिड़कियां खुली थीं और अधिकांश कोच के शीशे गायब थे, जिनसे एक साथ कई लोग बाहर गिर सकते हैं।
बिहार के दरभंगा जंक्शन से चलने वाली 15211 जननायक एक्सप्रेस बरेली होते हुए तीसरे दिन 1485 किलोमीटर का सफर तय कर पंजाब के अमृतसर जंक्शन पर पहुंचती है। इसी तरह से वापसी में 15212 अमृतसर से दरभंगा तक चलती है।

ट्रेन रोजाना अलग-अलग रैक से चलती है लेकिन सभी की हालत खराब है। रविवार को 15211 ट्रेन बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म तीन पर दोपहर 1:40 बजे पहुंची तो ट्रेन की स्थिति काफी खराब थी।
ट्रेन के सभी सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच यात्रियों से फुल थे। गेट पर भी लोग ठूंसकर बैठे थे। इसके अधिकांश कोच की आपातकालीन खिड़कियां खुली हुई थीं। कई कोच की सभी खिड़कियों के पूरे शीशे ही गायब थे।
खिड़कियों में बचाव के लिए कोई भी सरिया नहीं लगी थी। कई खिड़कियों पर तो बच्चे भी बैठे हुए थे, ऐसे में कभी भी कोई बाहर गिर सकता है। इसी तरह से प्लेटफार्म चार पर खड़ी वाराणसी एक्सप्रेस की कई आपातकालीन खिड़कियों से भी सरियां गायब थीं।
यह ट्रेन बरेली से ही बनकर चलती है और रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। इस तरह से ही अन्य ट्रेनों का भी हाल है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। रेलवे प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
