बरेली में 100 साल पुरानी रेलवे लाइन की जगह बसेगी नई कॉलोनी, बनेंगे 350 फ्लैट्स और 50 कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स
बरेली में 100 साल से अधिक पुरानी मीटर गेज रेलवे लाइन की 100 बीघा जमीन पर अब आवासीय और व्यावसायिक भवन बनेंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बरेली की 100 साल पुरानी रेलवे लाइन अब बदलेगी।
100 बीघा जमीन पर बनेंगे 350 फ्लैट और 50 व्यावसायिक भवन।
बीडीए आपत्ति कोर्ट से निस्तारित, रेरा मंजूरी का इंतजार।
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के बीचों-बीच 100 वर्ष से अधिक पुरानी मीटर गेज रेलवे लाइन का अब स्वरूप बदल जाएगा। श्यामगंज, शाहदाना में 100 बीघा जमीन को चार वर्ष पहले 90 वर्ष के लिए लीज पर दिया गया था। अब यहां व्यावसायिक और आवासीय भवन बनने शुरू हो जाएंगे।
सड़क डालने और बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। बीडीए ने कुछ समय पहले इस प्रोजेक्ट पर आपत्ति लगाई थी, लेकिन कोर्ट में मामला निस्तारित हो गया। अब रेरा में मामले का निस्तारण का इंतजार है।
श्यामगंज में मंडी होने के साथ लकड़ी का कारोबार होता था। इसकी वजह से यहां पर लगभग 100 वर्ष पहले मीटर गेज लाइन बिछाकर मालगोदाम बनाया गया था। यहां से रेलवे लाइन माडल टाउन होते हुए इज्जतनगर स्टेशन तक थी।
शुरू हो गए थे अवैध कब्जे
श्यामगंज से माल लदान के बाद इज्जतनगर होते हुए देश के अलग-अलग हिस्से में जाता था। 1990-91 में इस रेलवे लाइन को बंद कर दिया गया। इसके बाद से रेलवे लाइन और इसके किनारों पर अवैध कब्जे शुरू हो गए।
लगभग चार वर्ष पहले तत्कालीन डीएम और रेलवे के प्रयास से शाहदाना में खाली पड़ी जमीन के उपयोग की योजना बनाई गई। इसके बाद रेलवे लैंड डेवलेपमेंट अथारिटी (आरएलडीए) को प्रोजेक्ट दिया गया।
आरएलडीए ने 100 बीघा जमीन 90 वर्ष के लिए व्यावसायिक और आवासीय भवन के लिए एक एजेंसी को दी। एजेंसी की ओर से यहां पर 350 आवासीय फ्लैट और 50 व्यावसायिक भवन बनाए जाएंगे। यहां हुए अतिक्रमण को काफी समय तक कब्जा मुक्त कराने में दिक्कत हुई।
आठ महीने पहले फरवरी में रेलवे ने आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से अवैध कब्जे हटाए और बाड़ लगाई। इस दौरान सड़क का निर्माण भी किया गया लेकिन मार्च में बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) की ओर से शहरी क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए आपत्ति लगा दी, जिसकी वजह से मामला अटक गया।
मामले का कोर्ट में हुआ निस्तारण
आरएलडीए (रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण) ने बीडीए की आपत्ति को सही नहीं ठहराया और मामला हाईकोर्ट में चला गया। शाहदाना रेलवे की जमीन पर आवासीय कालोनी बसाने वाली एजेंसी के निदेशक आनंद अग्रवाल ने बताया कि बीडीए की आपत्ति के बाद मामला कोर्ट में गया था, जहां से मामले का निस्तारण हो गया है।
अब मामला रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट) में चल रहा है। यहां से जल्द ही मामले का निस्तारण होने के बाद भवन निर्माण भी शुरू कर दिया जाएगा। अभी बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
रेलवे कर्मचारी बसंत चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें याद है कि पहले श्यामगंज से लकड़ी का लदान होता था। इसी दौरान श्यामगंज से इज्जतगर और इज्जतनगर से बरेली जंक्शन तक बाबू ट्रेन भी चलती थी। अब लाइन बंद हो गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने बताया कि रेलवे की जमीन से कब्जा पहले हटवाया गया था। श्यामगंज में आरएलडीए के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था। यदि किसी जगह अन्य जमीन पर कब्जा होगा तो उसे भी हटाया जाएगा।
