अमरोहा में बीवी जीरामजी से 576 पंचायतों के विकास को मिलेगी रफ्तार, 20 करोड़ से कराए जाएंगे काम
सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (बीवी जीरामजी) कर दिया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मनरेगा का नाम बदलकर बीवी जीरामजी योजना हुआ।
अमरोहा की 576 पंचायतों में 20 करोड़ के कार्य।
जल संरक्षण पर जोर, 125 दिन का रोजगार।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (बीवी जीरामजी) कर दिया है। इस योजना के तहत 576 पंचायतों के विकास को रफ्तार मिलेगी। 20 करोड़ रुपये की लागत से पंचायतों में काम कराए जाएंगे। सबसे अधिक काम जल संरक्षण पर किए जाएंगे। चेहरों को स्कैन कर मजदूरों की हाजिरी लगेगी। काम की जिया टैगिंग भी होगी।
बीवी जीरामजी योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 318 विकास कार्य कराए जाएंगे। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 20 करोड़ रुपये की धनराशि इन पर खर्च की जाएगी। यह कार्य चार श्रेणियों में बांटे गए हैं। इनमें जल सुरक्षा के 107, ग्रामीण आधारभूत संरचना के 90, ग्रामीण आजीविका के 86 और आपदा प्रबंधन के 35 कार्य शामिल हैं।
योजना के तहत करीब एक लाख जाबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। इसमें मजदूरों को 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा।
योजना में सबसे ज्यादा जोर गांवों में जल सुरक्षा पर दिया जाएगा। इसमें काम करने वाले मजदूरों को साल में 60 दिन काम नहीं मिलेगा और इस अवधि का भत्ता भी नहीं दिया जाएगा। यह अवधि फसल कार्य के लिए निर्धारित होगी। पहली बार इस योजना में पक्की सड़कों को भी शामिल किया गया है।
बीवी जीरामजी योजना में मजदूरों को 60 दिन काम नहीं मिलेगा और वह फसल का कार्य करेंगे। सड़कों का निर्माण भी योजना के तहत कराया जाएगा। सभी बीडीओ से कामों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। कुछ के मिल गए हैं, जिन्हें जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद पंचायतों में कराया जा रहा है। -अम्बरीश कुमार, पीडी डीआरडीए।
