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Bareilly Police : दारोगा जी तो बड़े चालाक निकले, हत्या के प्रयास के असली आरोपी को दी क्लीनचिट, बेगुनाह को बना दिया आरोपी

Bareilly Police पुलिस किस तरह से आरोपियों को बचा देती है। इसकी बानगी बरेली में देखने को मिली। जहां एक दारोगा ने हत्या के प्रयास के असली आरोपी को केस से बाहर निकाल दिया और उसके ड्राइवर को मुल्जिम बना दिया। बरेली के एसएसपी ने इस मामले को पकड़ लिया। अब यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

By Jagran News Edited By: Mohammed Ammar Thu, 11 Jul 2024 08:18 PM (IST)
SSP ने दारोगा को निलंबित कर जांच के आदेश दे दिए हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जागरण संवाददाता, बरेली। सेलेक्शन प्वाइंट पर बीते साल हुए गोलीकांड के चर्चित घटनाक्रम में एसएसपी ने दारोगा विक्रांत आर्या का खेल पकड़ लिया। विवेचना में दारोगा ने जो हैरान करने वाली पटकथा तैयार की, उसे जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।

हत्या के प्रयास मामले में दारोगा ने मुख्य आरोपित जीवनजोत सिंह को क्लीनचिट देते हुए उसका नाम मुकदमे से निकाल दिया। आरोपित के इशारे पर ही उसके ड्राइवर समरूल्ला के विरुद्ध चार्जशीट लगा दी जिससे कार्रवाई में कोई सवाल ना उठा सके। फिलहाल, खेल उजागर होने के बाद एसएसपी ने दारोगा विक्रांत आर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है।

पिछले साल दर्ज हुआ था मुकदमा 

शाहजहांपुर के बंडा लुखमानपुर निवासी मनमोहन सिंह ने बीते साल पांच जुलाई को प्रेमनगर थाने में भगवानपुर फुलवा फरीदपुर निवासी जीवनजोत सिंह व उसके अज्ञात साथियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, गाली-गलौच व धमकी की धारा में प्राथमिकी लिखाई थी।

मनमोहन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा जसकरन सिंह अपने दोस्त हसप्रीत से मिलने बरेली गया हुआ था, जो फिनिक्स माल के पास रहता है। चार जुलाई की रात 11.30 बजे बेटा जसकरन सिंह, दोस्त हसप्रीत व कृपा सिंह के साथ सेलेक्शन प्वाइंट चौराहे पर खड़ा था। तभी काले रंग की थार यूपी-25, डीपी 0005 बेटे व उसके दोस्तों के सामने चक्कर लगाने लगी।

कार का शीशा उतारकर झोंका था फायर 

कार में बेटे व उसके दोस्तों से पहले से रंजिश मानने वाले जीवनजोत सिंह व तीन अज्ञात सवार थे। इसी बीच आरोपित जीवनजोत ने कार का शीशा उतारकर बेटा पर फायर झोंक दिया, जो उसके गर्दन को चीरती हुई कालर बोन में धंस गई। आरोपितों को उसके दोस्तों ने रोकने की कोशिश की तो वह धमकाते हुए भाग खड़े हुए।

विवेचना दारोगा विक्रांत आर्या को मिली। विवेचना में नामित अभियुक्त की नामजदगी झूठी करते हुए उसके ड्राइवर समरूल्ला का नाम वह प्रकाश में लाए। विवेचना के मध्य ठोस साक्ष्य संकलन न कर सरसरी तौर पर विवेचना करते हुए ड्राइवर के विरुद्ध चार्जशीट लगा दी।

विवेचना में नामित अभियुक्त की नामजदगी झूठी करते हुए उसके ड्राइवर का नाम प्रकाश में लाने, नामित अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अभियुक्त समरूल्ला के विरूद्ध आरोप पत्र प्रेषित करने, विवेचना में कोई ठोस साक्ष्य संकलन ना करने पर दारोगा विक्रांत आर्या को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई है।

अनुराग आर्य, एसएसपी

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