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180 करोड़ की चीनी मिल बिक रही है, बोले खरीदोगे? किसानों के 70 करोड़ चुकाने को प्रशासन तलाश रहा खरीदार

Published: Tue, 29 Sep 2026 11:16 PM (IST)

बरेली की ओसवाल चीनी मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये किया गया है और इसे बेचने की प्रक्रिया चल रही ...और पढ़ें

ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज। जागरण आर्काइव

ओसवाल चीनी मिल नवाबगंज। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. प्रशासनिक अफसर तलाश रहे चीनी मिल के लिए खरीदार

जागरण संवाददाता, बरेली। नवाबगंज चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 70 करोड़ रुपये तीन साल से बकाया है। चीनी मिल की संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन पुणे, महाराष्ट्र से तकनीकी टीम ने इसका 180 करोड़ रुपये मूल्यांकन कर दिया है। अब चीनी मिल बेचने के लिए खरीदार तलाशे जा रहे हैं।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने उप जिलाधिकारी नवाबगंज की अध्यक्षता में चीनी मिल की बिक्री करने के लिए कमेटी गठित कर दी है। प्रशासनिक अधिकारी अब चीनी मिल के लिए खरीदार तलाश रहे हैं।

चीनी मिल पर किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए प्रशासन तीन साल से दबाव बना रहा है, लेकिन मिल प्रबंधन ने एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया।

वर्ष 2023-24 में मिल को गन्ना किसानों का 107.12 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें से मिल प्रबंधन ने 91.64 करोड़ का भुगतान कर दिया था। 15.48 करोड़ रुपये बकाया रह गया गया था।

पेराई सत्र 2024-25 में मिल ने किसानों से 39.45 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा, लेकिन भुगतान एक रुपये का भी नहीं किया। इस तरह बकाया रकम बढ़कर 54.93 करोड़ पहुंच गई, जो अब ब्याज सहित करीब 70 करोड़ रुपये तक हो चुकी है।

शासन के निर्देश पर मिल प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसका भी कोई असर नहीं पड़ा तो आरसी जारी कर चीनी मिल की जमीन भी कुर्क कराई गई।

पिछली साल पेराई सत्र में चीनी मिल को गन्ना ही आवंटित नहीं किया गया था। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो चीनी मिल नीलाम करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।

बसंत दादा शुगर इंस्टीट्यूट पुणे, महाराष्ट्र की तीन सदस्यीय तकनीकी टीम ने चीनी मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ किया है। इसी के आधार पर चीनी मिल की बिक्री कर किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए खरीदार तलाशे जा रहे हैं।

इसके लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने पहले ही एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि अब चीनी मिल की जमीन नहीं, पूरी चीनी मिल की बिक्री की प्रक्रिया चल रही है, उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही चीनी मिल बिक जाएगी।

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