मंत्री के पति पप्पू गिरधारी के फरार होते ही बरेली की 800 करोड़ की ओमेक्स टाउनशिप पर मंडराए संकट के बादल
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी के फरार होने से बरेली में उनकी 800 करोड़ की ओमेक्स ...और पढ़ें

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HighLights
लालपुर गांव के पास 71.78 एकड़ में बनाई जानी है निजी टाउनशिप
परियोजना के नौ साझेदारों में पप्पू गिरधारी व अन्य कंपनियां भी शामिल
नीलेश प्रताप सिंह, बरेली। उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के उत्पीड़न का आरोपित गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी फरार है। इससे उसकी साझेदारी वाली 800 करोड़ की ओमेक्स आवासीय परियोजना को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे हैं। वह मंत्री का पति होने के कारण रियल एस्टेट कारोबार में हनक रखता था, मगर अब परिस्थितियां विपरीत हो चुकीं।
मंत्री रेखा आर्या 15 अक्टूबर को उस पर उत्पीड़न व एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करा चुकीं। उन्होंने पप्पू गिरधारी पर फर्जीवाड़ा कर कंपनी के निदेशक पद से हटाने का आरोप भी लगाया, जो रियल एस्टेट कारोबार में कानूनी पेंच फंसा सकता है।
मूलरूप से जोगी नवादा निवासी पप्पू गिरधारी पत्नी व कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से विवाद के बाद उनकी संपत्तियां भी चर्चा में हैं। बरेली-सीतापुर हाईवे पर लालपुर गांव के पास तीन एकड़ में अवैध रूप से खड़ा किया गया फार्म हाउस भी इसमें शामिल हैं।

जिसमें कृष्णा वैष्णवी इंफ्रा डेवलपर्स के डायरेक्टर के रूप में भतीजा सत्येंद्र राठौर एवं रेखा आर्या का नाम भी शामिल है। मानचित्र स्वीकृत नहीं होने के कारण फार्म हाउस का निर्माण अवैध माना जा चुका, जिसका कंपाउंडिंग लंबित है।
अब लालपुर-अधलखिया गांव के पास उसकी साझेदारी वाली ओमेक्स टाउनशिप चर्चा में आई है। बरेली विकास प्राधिकरण के रिकार्ड अनुसार, 71.78 एकड़ भूमि पर बसने वाली इस परियोजना में नौ साझेदारों के नाम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जमा की गई।
इसमें पप्पू व उससे जुड़े लोगों का नाम भी दर्शाया गया। नियमानुसार, ऐसी वृहद परियोजना को महायोजना के मानक के अनुसार रखना अनिवार्य है। इसके दृष्टिगत डीपीआर पर मंथन होता है।
15 अक्टूबर को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में परियोजना का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इसके उपरांत शासन से अनुमति लेकर मानचित्र आदि पर विचार किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, 800 करोड़ की अनुमानित लागत वाली परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके ले-आउट प्लान, भूमि उपयोग परिवर्तन और 33 केवी सब स्टेशन जैसी सुविधाओं के प्रविधानों की समीक्षा की जा रही है।
सभी साझेदारों की भूमि के स्वामित्व, कागजों की जांच आदि भी होनी है। परियोजना के साझेदारों में गिरधारी लाल साहू का नाम आठवें स्थान पर दर्ज है। उसके नाम पर 0.7477 हेक्टेयर यानी करीब 1.848 एकड़ भूमि का स्वामित्व दर्शाया गया है। टाउनशिप नीति के तहत ओमेक्स के न्यूनतम 60 प्रतिशत भूमि स्वामित्व की शर्त के संदर्भ में इस जमीन को भी शामिल किया गया है।
