बरेली, जागरण संवाददाता। Conversion in Bareilly : 11 साल पहले हिंदू से मुसलमान बने सुहेल ने फिर घर वापसी के लिए उसने डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपकर शुद्धिकरण करके हिंदू धर्म अपनाने की इच्छा जताई है। जिसके बाद तमाम हिंदू संगठन उसके समर्थन में आ गए है।जिसके बाद हिंदू संगठनों के उसके शुद्धिकरण की तैयारियां शुरू कर दी है।अब आपके मन में सुहेल को लेकर कई सवाल कौंध रहे होंगे ? मसलन कौन है सुहेल और उसका परिवार कैसे हिंदू से मुसलमान बन गया।

दरअसल में सुहेल का असली नाम सौरभ रस्तोगी है।वह मूल रूप से अमरोहा का रहने वाला है।उसके परिवार में मां बाप और बड़ी बहन है।सौरभ की मानें तो उसका संपर्क उनके घर के पास ही रहने वाले इरशाद नाम के मौलवी से हुआ।जिसके बाद उससे उसकी नजदीकियां बढ़ गई।संबंध बेहतर होने पर मौलवी की दखल उसके घर के अंदर तक हो गई।

मौलवी ने किया था पूरे परिवार का ब्रेनवाश

करीब 11 साल पहले अमरोहा के रहने वाले एक परिवार में एक मौलवी का आना जाना था।मौलवी ने पूरे परिवार का धीरे-धीरे ब्रेनवाश किया और उनकी बेटी की शादी एक मुस्लिम युवक से करा दी।इसके बाद मां-बाप को भी मुस्लिमों की इबादत, तौर तरीके समझाकर मुस्लमान बनने के लिए पूरी तरह से ब्रेन वाश कर दिया।जिसके बाद मां-बाप ने भी मुस्लिम धर्म अपना लिया।बाद में अकेले बचे बेटे को भी बहला-फुसलाकर मुस्लिम बना दिया।

तीन बार निकाह कर चुकी महिला से करा दी शादी

तीन बार निकाह कर चुकी एक महिला से उसकी शादी भी करा दी।पूरा परिवार बरेली की एक इलाके में किराए के मकान में रहा है।अब युवक का मन बदल गया है।वह फिर से हिंदू बनना चाहता है।उसने डीएम को पत्र सौंपते हुए गुहार लगाई है कि वह फिर से शुद्धिकरण कराकर हिंदू बनना चाहता है।उसके दस्तावेजों में भी हिंदू नाम है।उसकी गुहार के बाद तमाम हिंदू संगठन भी उसे वापस हिंदू बनाने की तैयारी में जुट गए है।

15 दिन पहले लिया फैसला, दिया पत्नी को तलाक

सौरभ ने बताया कि उसे हिंदू बनने के फैसले से सभी ने रिश्ता तोड़ दिया। उसकी पत्नी ने भी फोन पर कहा कि जब हिंदू बन रहे हो तो उसे तलाक दे दो। इस पर सौरभ उर्फ सुहैल ने फोन पर ही उसे तीन तलाक दे दिया। तब से वह बरेली में ही है। सौरभ ने अपनी जान को खतरा भी बताया है।

सुहैल के दोनों बच्चों को लेने के लिए तैयार हिंदू संगठन

सौरभ उर्फ सुहैल के दो बच्चे भी है। उसका कहना है कि वह अब उन बच्चों को नहीं लेगा।इस पर हिंदू संगठानों का कहना है कि वह बच्चों को अपने साथ लेकर आए और अगर वह परवरिश नहीं कर पाता तो वह उसे ले लेंगे और परवरिश के बाद हिंदू रीति रिवाज से उसकी शादी करा देंगें।

Edited By: Ravi Mishra