बरेली, जागरण संवाददाता। Bareilly ABSA Adopted School News : परिषदीय विद्यालयों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के लिए कायाकल्प का कार्य चल रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले के 95 प्रतिशत स्कूलाें में कायाकल्प हो चुका है। इसके बाद भी कई विद्यालय ऐसे हैं जीर्णाेद्धार होना है। इसी में नगर क्षेत्र के प्राथमिक माधोबाड़ी की दीवारें चटकनें लगी हैं। खंड शिक्षाधिकारी विनोद कुमार का गोद लिया यह विद्यालय कभी भी गिर सकता है।

स्कूल का भवन करीब 40 वर्ष पुराना है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक भी बार विद्यालय का जीर्णोद्धार नहीं हुआ। स्कूल में छात्रों की संख्या 26 है। छात्र संख्या के अभाव में चार वर्ष पूर्व विद्यालय बंद हो गया था। कोरोना संक्रमण के बाद दोबारा स्कूल का संचालन शुरू हुआ।

पहले साल में 13 बच्चों ने यहां प्रवेश लिया तब से अब तक यह छात्र संख्या सिर्फ दोगुनी ही हो सकी हैं। स्कूल भवन जर्जर होने की वजह से अभिभावक अपने बच्चे का प्रवेश इस विद्यालय में नहीं कराना चाहते हैं। विद्यालय के पास रहने वाले नितिन ने बताया कि करीब पांच साल पहले छज्जा गिर गया था। उस समय स्कूल में कार्यरत प्रधानाध्यापक ने खुद के खर्च से ही उसकी मरम्मत कराई थी।

गोद लेने के बाद से सिर्फ तीन बार स्कूल पहुंचे एबीएसए

जुलाई में खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार को यह स्कूल गोद दिया गया। यहां शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव शर्मा ने बताया कि जून में एबीएसए ने यहां पहुंचकर एक कक्ष में पुताई कराई। इसके बाद उनका दो बार और आना हुआ। तब से वह स्कूल नहीं पहुंचे।

बच्चों को स्कूल भेजने से घबराते हैं अभिभावक

छात्रों की पंजीकृत संख्या 26 है, लेकिन स्कूल में किसी भी दिन छात्रों की पूर्ण उपस्थिति नहीं होती है। स्कूल भवन में हादसे के डर से अभिभावक बच्चों को नहीं भेजते है। यही नहीं विद्यालय में बच्चों के लिए लगा सरकारी नल भी वर्षो से खराब पड़ा हुआ है। 

गोद लिए स्कूल में अधिकारियों को निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपनी है। माधोबाड़ी विद्यालय में एबीएसए के ध्यान न देने की जानकारी हुई है। इस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। विनय कुमार, बीएसए

Edited By: Ravi Mishra

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