ऑक्सीजन मास्क हटने से मासूम की हुई मौत, गिरफ्तार हुआ फर्जी डॉक्टर
बरेली के मैसी अस्पताल में ऑक्सीजन मास्क हटने से दो दिन के नवजात की मौत हो गई। फर्जी डॉक्टर अली ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
मैसी अस्पताल में ऑक्सीजन मास्क हटने से नवजात की मौत।
फर्जी डॉक्टर अली अब्बास गिरफ्तार, अस्पताल सील किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में स्टाफ न मिलने पर कार्रवाई की।
जागरण संवाददाता, बरेली। मैसी अस्पताल में मंगलवार को आक्सीजन मास्क हटने से दो दिन के नवजात की मौत हो गई। यह कृत्य हत्या से कम नहीं। ऐसा करने वाला फर्जी डाक्टर अली अब्बास काफी समय से स्वास्थ्य विभाग के नियमों को रौंदकर मरीजों की जिंदगी दांव पर लगा रहा था। वह अपने नाम के आगे एमडी लिखकर लोगों को गुमराह करता था कि चिकित्सा में परास्नातक है।
नवजात की मौत के बाद उससे पूछताछ हुई तो बोला-एमडी का मतलब, मैनेजिंग डायरेक्टर है। उसके अस्पताल में चिकित्सक मिले न पैरामेडिकल स्टाफ, इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। उसके विरुद्ध तहरीर दी गई, इसलिए पुलिस ने थाने में बैठा लिया है। मुस्कान को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को मैसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पति सचिन गुप्ता ने बताया कि रविवार को बेटे का जन्म हुआ।
खुद को डॉक्टर बताने वाले अली अब्बास ने उसे बीमार बताते हुए नर्सरी में भर्ती करने को कहा। इसके बाद एकांत में रखे टोकरीनुमा उपकरण में बच्चे को आक्सीजन मास्क लगाकर लिटा दिया। उसकी देखरेख के लिए कोई स्टाफ नहीं था, बीच-बीच में अली अब्बास ही आक्सीजन सिलिंडर चेक करने आ जाता था।
मंगलवार को बच्चे के मुंह से आक्सीजन मास्क हट गया। कुछ देर बाद उसे छटपटाता देखकर अली अब्बास से कहा, मगर उसने अनसुनी कर दी। वह 15 मिनट बाद आया, इस बीच बच्चे की मौत हो गई। सचिन व स्वजन ने हंगामा किया तो पुलिस पहुंची, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डाक्टर रवि कुमार भी आ गए।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में कोई चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। एसीएमओ डा. लईक ने बताया कि अस्पताल के पंजीकरण, डाक्टरों की उपलब्धता आदि की जानकारी जुटाई जा रही। पुलिस के अनुसार, नवजात के स्वजन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
