बरेली में नकाटिया नदी को बचाने मैदान में उतरी सेना; जवानों के श्रमदान से तैयार होगा 11 हजार पौधों का 'ग्रीन कॉरिडोर'
सेना के जवानों ने छावनी परिषद के 'सेविंग द रिवर नकाटिया से नाथ गंगा' अभियान के तहत बरेली की नकाटिया ...और पढ़ें

मेजर आईएस गिल के साथ नकटिया नदी का निरीक्षण करतीं छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन
HighLights
छावनी परिषद के ‘सेविंग द रिवर’ अभियान में जवानों ने किया श्रमदान, नदी तट से हटाया कचरा-मलबा
जागरण संवाददाता, बरेली। नकाटिया नदी को संवारने को बुधवार को छावनी परिषद के आह्वाहन पर सेना के जवान मैदान में उतरे। कैंट बोर्ड के ‘सेविंग द रिवर नकाटिया से नाथ गंगा’ अभियान में सेना के जवानों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नदी तट पर श्रमदान किया। कचरा, मलबा और अन्य सामग्री हटाकर नदी क्षेत्र की सफाई की। अभियान के तहत 11 हजार पौधे लगाने की पहल भी शुरू की गई।
मेजर जनरल आइएस गिल की मौजूदगी में छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. तनु जैन के साथ जवानों ने नदी और उसके तटों की सफाई के साथ पर्यावरणीय सुधार के कार्यों में भी सहभागिता की।

प्रस्तावित ग्रीन कारिडोर में 11 हजार पौधों का रोपण नदी तट पर हरित आवरण बढ़ाने और जैव-विविधता को मजबूत करने का दावा किया गया।
सीईओ छावनी परिषद ने अभियान को केवल एक दिन की सफाई तक सीमित नहीं रखते हुए नदी स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, तटों के संरक्षण और जनभागीदारी को दीर्घकालिक नदी पुनर्जीवन पहल के रूप में आगे बढ़ाया बढ़ाने की बात कही।
इसी कड़ी में सेना की भागीदारी के जरिए नदी संरक्षण के अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया है। जिसका उद्देश्य नकाटिया नदी को स्वच्छ और हरित बनाने के साथ स्थानीय लोगों में उसके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
