गला घोंटकर मारा, झाड़ियों में छिपा दिया शव; बरेली में कोटेदार हत्याकांड के पांच दोषियों को उम्रकैद
बरेली में किसान फत्ते खां की हत्या के 10 साल पुराने मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
बरेली में 10 साल पुराने हत्या मामले में फैसला।
किसान फत्ते खां के पांच हत्यारों को उम्रकैद।
दोषियों पर 1.55 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा।
जागरण संवाददाता, बरेली। पूर्व कोटेदार की हत्या में संलिप्तता के शक में किसान फत्ते खां के हत्यारों को उम्रकैद की सजा दी गई।
गुरुवार को सेशन जज प्रदीप कुमार सिंह ने 10 वर्ष पुराने प्रकरण में निर्णय सुनाया। उन्होंने दोषी जमील अहमद खां उर्फ गुड्डू, हिरोज खां, रहमत खां, ताहिर खां व नबी रजा खां पर 1.55 लाख का अर्थदंड भी डाला। इसमें एक लाख रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाएंगे।
निर्गुआ गौटिया में पूर्व कोटेदार बाबू खां की हत्या हुई थी। जमील खां, हिरोज आदि को शक था कि हत्याकांड में किसान फत्ते खां भी संलिप्त थे। वह 13 मार्च 2016 को भाई माले खां व अन्य स्वजन के साथ खेत पर काम कर रहे थे। उसी दौरान जमील व अन्य ने हमला कर दिया। उन सभी ने फत्ते खां को लाठी से पीटा। वह खेत से बाहर निकलकर बाइक स्टार्ट करने लगे ताकि भाग सकें।
हमलावरों ने उन्हें पीछा कर पकड़ा। इसके बाद घसीटते हुए पहाड़पुर गांव की ओर ले गए। इस बीच माले खां व अन्य स्वजन शोर शराबा करते हुए अन्य ग्रामीणों से मदद मांगने लगे थे। मुकदमे के अनुसार, हमलावरों ने गमछे से गला घोटकर फत्ते खां की हत्या कर शव झाड़ियों में छिपा था।
बाद में माले खां व अन्य लोग पहुंचे, तब शव मिला। अधिवक्ता रीतराम राजपूत ने बताया कि मुकदमे में जहीर व फिरोज को भी नामजद कराया गया था, मगर विवेचना में प्रमाण नहीं मिले।
नबी का नाम जांच में सामने आया। पुलिस ने जमील अहमद खां उर्फ गुड्डू, हिरोज खां, रहमत खां, ताहिर खां व नबी रजा खां के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक बृजेश कुमार ने गला घोटने, गर्दन पर अंगुलियों के निशान, हथेली के दबाव से गले की हड्डी टूटने की रिपोर्ट पेश की।
