बरेली, जेएनएन। Bareilly ​​Mobility Plan : शहर में किस तरह आम आदमी की राह को आसान किया जाए, कैसे राहगीर बिना अधिक वक्त गवाएं अपनी मंजिल तक पहुंच सके समेत तमाम बिंदुओं पर अधिकारियों ने मंथन किया। उन्होंने सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार करने के लिए अपने सुझाव भी दिए। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीडीए, पीडब्ल्यूडी, रोडवेज, यातायात पुलिस के अधिकारियों ने चर्चा की।

केंद्र सरकार की ओर से सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार करने के लिए दिल्ली की यूएनटीसी कंपनी से अनुबंध किया गया है। कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने शहर में भावी यातायात स्थिति पर चर्चा की। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि विभिन्न विभागों के अफसराें के साथ विस्तृत चर्चा कर सुझाव मांगे गए हैं। प्लान के तहत यातायात प्रबंधन, चौराहों पर हाई सेंसर ट्रैफिक सिग्नल, रंबल स्ट्रिप आदि के प्रयोग होगा।

बस-आटो का रूट, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट, पार्किंग, वेंडिग जोन, बस स्टैंड, पाइपलाइन कहां-कहां और किस तरीके से होना चाहिए, इस पर विस्तार से हुई चर्चा। ट्रैफिक मैनेजमेंट पर सीसीटीवी कैमरों के रोल पर भी चर्चा की गई। इस प्लान को लागू करने के लिए कुल खर्च का 80 फीसद केंद्र सरकार और बाकी राज्य सरकार देगी। इसके तहत बस कॉरिडोर बनाया जाना है। सार्वजनिक बाइक शेयरिंग, साइकिल ट्रैक, पाथ-वे और अंडरपास भी बनाने की योजना है।

Edited By: Ravi Mishra