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बरेली में 1.80 लाख LPG गैस उपभोक्ताओं की बढ़ी टेंशन, ई-केवाईसी के बिना नहीं कर पाएंगे सिलिंडर की बुकिंग

Published: Sun, 18 Oct 2026 09:50 PM (IST)

बरेली में 1.8 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, जिससे उनकी गैस बुकिंग रोक दी गई है।

ई-केवाईसी में फंसे 1.80 लाख उपभोक्ताओं के सिलिंडर।

ई-केवाईसी में फंसे 1.80 लाख उपभोक्ताओं के सिलिंडर।

HighLights

  1. 1.8 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अधूरी

  2. त्योहारी सीजन में गैस बुकिंग पर रोक

  3. एक से अधिक कनेक्शन रोकने का प्रयास

कमलेश शर्मा, बरेली। त्योहारी सीजन में रसोई गैस की समस्या बढ़ सकती है। गैस कनेक्शन धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की जा चुकी है, लेकिन एक लाख 85 हजार उपभोक्ताओं ने अभी प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई है। गैस एजेंसियों ने ऐसे लोगों की गैस की बुकिंग रोक दी है।

बताते हैं कि ई-केवाईसी कराने से कतरा रहे अधिकांश लोगों ने एक से अधिक कनेक्शन ले रखे हैं। आधार कार्ड और बायोमीट्रिक आधारित ई-केवाईसी होते ही दूसरे कनेक्शन बंद हो जा रहे हैं।

जिले में इंडेन, भारत और एचपी एजेंसियों के 12 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 55 प्रतिशत से अधिक इंडेन के कनेक्शनधारक हैं। खाड़ी देशों में युद्ध के चलते पिछले दिनों उत्पन्न हुई गैस की समस्या को देखते हुए सख्ती शुरू हुई और आनलाइन बुकिंग के साथ ओटीपी आधारित वितरण शुरू किया गया।

एक-एक परिवारों में दो से तीन कनेक्शन की बात सामने आने आई है। कुछ ऐसे उपभोक्ताओं भी मिले हैं जिनके पास इंडेन या एचपी का कनेक्शन पहले से था, बाद में उज्जवला योजना में भी उन्हें कनेक्शन मिल गया।

एक उपभोक्ता एक कनेक्शन के लिए आधार कार्ड और बायोमीट्रिक आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। उपभोक्ताओं को मैसेज भेजकर एजेंसियों पर उनकी केवाईसी कराई जा रही है।

बरेली एलपीजी एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं इंडेन गैस की एजेंसी स्वामी रंजना सोलंकी अधिक से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि जिन लोगों ने एक से अधिक कनेक्शन ले रखा है, वह किसी एक कनेक्शन की ही केवाईसी करा पा रहे हैं, दूसरे कनेक्शन स्वत: बंद हो जा रहे हैं।

10 लाख 20 हजार उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा ली है। त्योहार पर उन एक लाख 80 हजार उपभोक्ताओं के सामने संकट उत्पन्न हो सकता है, जिन्होंने अभी तक ई-केवासी नहीं कराई है।

सेवा शुल्क लेकर भी की जा रही ई-केवाईसी

कुछ एजेंसियों के कर्मचारी घर-घर जाकर भी ई-केवाईसी कर रहे हैं। इसके लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, लेकिन उपभोक्ता के घर तक जाकर सुविधा देने के लिए सेवा शुल्क के नाम पर 50 रुपये लेकर घर पर बायोमीट्रिक और आधार कार्ड से ई-केवाईसी कर दे रहे हैं।

अब आधार कार्ड लेकर एजेंसी पर जाना जरूरी

ई-केवाईसी नहीं कराने और लंबे समय से सिलिंडर नहीं लेने पर जिनके कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं, उन उपभोक्ताओं को अब एजेंसी पर जाकर ही ई-केवाईसी करानी होगी। आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल के साथ जाकर बायोमीट्रिक कराकर कनेक्शन चालू कराया जा सकता है।

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