बरेली में डीजे की आवाज पर भिड़े कांवड़ियों के 2 जत्थे: शीशा टूटा तो पुलिस ने मौके पर कराया समझौता, जानें क्या है सच
बरेली में सावन के अंतिम सोमवार को डीजे की तेज आवाज को लेकर दो कांवड़ जत्थों में विवाद हो गया, ...और पढ़ें

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HighLights
कैंट थाना क्षेत्र का मामला, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया
एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के डीजे पर मारी ईंट, टूट गया उनकी गाड़ी का शीशा
जागरण संवाददाता, बरेली। सावन के अंतिम सोमवार को कैंट क्षेत्र में डीजे की आवाज तेज करने को लेकर दो जत्थों में कहासुनी हो गई। इसी बीच कावंड़ियों की भीड़ से किसी कांवड़ियों ने एक ईंट उठाकर डीजे की ओर फेंकी जिससे एक पक्ष के डीजे वाहन का शीशा टूट गया।
दोनों पक्षों में जब विवाद बड़ा तो मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने दोनों को समझाकर उनका समझौता करा दिया। इसके बाद दोनों को उनके गंतव्य तक रवाना किया। किसी भी तरह का और विवाद नहीं हुआ।
कैंट पुलिस के अनुसार, किला छावनी निवासी जत्थेदार अमित राठौर का कांवड़ जत्था कैंट अस्पताल के रुककर डीजे की लाइट ठीक कर रहा था। इसी दौरान आजमनगर-सिकलापुर निवासी कांवड़ जत्था पालकी के साथ धोपेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर वापस लौट रहा था।
जत्थे का नेतृत्व शिवम के माध्यम से किया जा रहा था। जब दोनों जत्थे पास से आए तो डीजे की आवाज को लेकर दोनों पक्षों में प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई। दोनों ने अपने-अपने डीजे की आवाज तेज कर दी। इसे लेकर कहासुनी होने लगी।
इसी दौरान भीड़ में शामिल आजमनगर-सिकलापुर के एक कांवड़िया ने अमित राठौर के जत्थे के डीजे वाहन की ओर ईंट फेंक दी। ईंट लगने से वाहन का शीशा टूट गया, जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई। जत्थों के साथ पहले से पुलिस बल मौजूद था।
स्थिति को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने और फोर्स की मांग की। इसके बाद तत्काल प्रभाव से मौके पर कैंट थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाया।
पुलिस ने क्षतिग्रस्त डीजे वाहन के स्वामी भुता निवासी राम भरत शर्मा को दूसरे पक्ष से क्षतिपूर्ति के तौर पर तीन हजार रुपये नकद और सात हजार रुपये आनलाइन दिलाए।
इसके बाद दोनों पक्षों में सहमति से समझौता करा दिया गया। पुलिस ने दोनों डीजे और कांवड़ जत्थों को अलग-अलग पुलिस सुरक्षा में उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया।
पथराव की फैली सूचना, पुलिस बोली अफवाह
घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर सूचना फैली कि कावंड़ियों पर पथराव कर दिया गया। मगर जब पुलिस ने मौके पर जाकर पूरी स्थिति समझी तो पता चला कि पथराव हुआ ही नहीं था।
कैंट इंस्पेक्टर संजय धीर का कहना है कि, घटना आकस्मिक और तत्कालिक थी। किसी को चोट नहीं आई है। न ही किसी भी तरह के कोई लाठी-डंडे चले। केवल मौखिक कहासुनी हुई थी।
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