बरेली, जेएनएन। Bareilly IT Park : आइटी सेक्टर के गढ़ माने जाने वाले हैदराबाद, बंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर की दौड़ में बहुत जल्द बरेली भी शामिल होने जा रहा है। आइटी की अग्रणी कंपनी विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस बरेली में तैयार हो रहे आइटी पार्क में अपने कार्यालय खोलेंगी। आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के निगम, यूपी डिस्को, यूपी इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन लि. आइटी सेक्टर से जुड़े युवाओं को साफ्टवेयर विकसित करने के लिए नया बाजार देंगे। स्टार्टअप के इच्छुक युवाओं के लिए भी आइटी पार्क में कदम रखने वाली कंपनियां मददगार होने वाली है।

बरेली प्रशासन भी उत्साहित है, क्योंकि इसी हफ्ते सोलह साल से बंद इंडियन टर्पेनटाइन रोजिन (आइटीआर) की जमीन की रजिस्ट्री होनी है। शासन में अटके 10 करोड़ रुपये भी बरेली प्रशासन को मिल चुके हैं। रजिस्ट्री के बाद यूपीएलसी के अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि पूजन होना हैं। पहले यूपी इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) ने आइटीआर की चार एकड़ जमीन आइटी पार्क के लिए सुरक्षित कराई थी। यूपीएलसी के अधिकारियों ने बंगला नंबर दस की जमीन को पार्क के लिए पंसद किया था। प्रशासन के साथ 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन खरीदने पर सहमति बनी थी। लेकिन महंगी जमीन होने के चलते पार्क को अब एक एकड़ में विकसित किया जा रहा है। प्रस्ताव कमिश्नर आर. रमेश कुमार तक पहुंचा था।

बरेली और वाराणसी के आइटी पार्क को केबिनेट मंजूरी एक साथ मिली थी। शासन को उम्मीद है कि दोनों आइटी पार्क में तकरीबन ढाई हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। आइटी पार्क में सूचना प्रौद्योगिकी का सेटअप विकसित किया जाना है। आइटी पार्क में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी है। सेटेलाइट सेटअप, आप्टिकल फाइबर नेटवर्क समेत दूसरी सुविधाएं आईटी पार्क में विकसित की जानी है। बरेली डीएम नितीश कुमार ने बताया कि हमें दस करोड़ रुपये मिल चुके हैं। संभावना है कि इसी सप्ताह हम जमीन की रजिस्ट्री कर लेंगे। आइटी पार्क के काम जल्द शुरू कराएंगे।

Edited By: Samanvay Pandey