18 हजार लीटर की 'सुपर' फायर ब्रिगेड तो आई, पर चलाने वाला कोई नहीं! त्योहारों पर 'राम भरोसे' बरेली में आग से सुरक्षा
बरेली अग्निशमन विभाग त्योहारों पर आग से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। नए बड़े ...और पढ़ें

अग्निशमन विभाग के सिविल लाइंस स्टेशन में खड़ा 18 हजार लीटर पानी वाली फायर टेंडर। जागरण
HighLights
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने इंतजाम की रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी
जागरण संवाददाता, बरेली। दुर्गा पूजा, नवमी, दशहरा, दिवाली आदि त्योहारों पर आग लगने की संभावना अधिक रहती है लेकिन जिले में अग्निशमन विभाग के पास आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम ही नहीं हैं। स्वीकृत 21 वाहनों के सापेक्ष 13 ही उपलब्ध हैं। एक 18 हजार लीटर पानी वाला वाहन भी आ गया है लेकिन स्टाफ की कमी है, ऐसे में इसे चलाने में दिक्कत होगी।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने प्रशासन के अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में कहा कि इतने अधिक जगहों पर आयोजनों की वजह से सभी जगह फायर टेंडर उपलब्ध कराना संभव नहीं है। विशेष कार्यक्रमों में जरूरत के हिसाब से सीमित संसाधनों में ड्यूटी लगाई जा रही हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह अक्टूबर को दुर्गा पूजा, नवमी, दशहरा एवं दीपावली पर्व पर लगने वाले मेला, रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि स्थलों का निरीक्षण कर अग्निसुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन और आपात सेवा से अग्निशमन वाहन और जनशक्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
इस पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने रिपोर्ट तैयार कराई, जिसमें बताया गया कि बरेली में वर्तमान में आठ अग्निशमन केंद्र हैं, जिनमें 21 वाहन स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ 13 ही उपलब्ध हैं।
इसके अलावा इन केंद्रों पर अधिकारी और कर्मचारियों के 246 पद स्वीकृत हैं लेकिन 109 ही उपलब्ध हैं। ऐसे में स्वीकृत के सापेक्ष 60 प्रतिशत वाहन और जनशक्ति के स्वीकृत नियतन के सापेक्ष लगभग 40 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी ही उपलब्ध हैं।
इतने सीमित संसाधनों से रोजाना बरेली एयरपोर्ट ड्यूटी, जिले में घटित होने वाले अग्निकांड, जीवरक्षा पुकार, वीवीआइपी, वीआइपी ड्यूटियों, मुख्यालय की योजनाओं के तहत आडिट कार्यों के काम किए जा रहे हैं।
बरेली में दुर्गा पूजा, नवमी, दशहरा एवं दीपावली पर्व के अवसर पर नगर और ग्रामीण क्षेत्र में मेले, रावण दहन, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि के आयोजन किये जाएंगे, जिनमें स्थानीय प्रशासन की मंशा के अनुरूप वाहनों और जनशक्ति के सीमित संसाधन होने के बावजूद भी ड्यूटियां लगाई जाती हैं।
ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में होने वाले समस्त सांस्कृतिक आयोजनों के प्रत्येक स्थल पर अग्निशमन वाहनों और जनशक्ति को उपलब्ध कराया जाना सम्भव नहीं है। इसके बावजूद किसी विशेष कार्यक्रम पर निर्देश के अनुसार ड्यूटी लगाई जाएगी।
बड़े वाहन से बड़ी आग बुझाने में मिलेगी मदद
अग्निशमन विभाग के पास 13 छोटे-बड़े फायर टेंडर मौजूदा समय में हैं। इनमें पांच सिविल लाइंस, एक परसाखेड़ा, एक ट्रांसपोर्ट नगर, बहेड़ी तहसील में दो और नवाबगंज, मीरगंज, फरीदपुर और आंवला में एक-एक फायर टेंडर है।
अभी तक विभाग के पास अधिकांश बड़े वाहनों में ढाई हजार लीटर की गाड़ी ही मौजूद थी। एक महीने पहले गाजियाबाद से 12 हजार लीटर की फायर टेंडर आई थी।
कुछ दिनों पहले 18 हजार लीटर की नई फायर टेंडर आई है। इन बड़े वाहनों के आने से बड़ी आग बुझाने में विभाग को आसानी होगी। एक बार गाड़ी मौके पर पहुंचने पर बार-बार पानी के इंतजाम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
ऊंचे भवन में आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं
शहर में धीरे-धीरे ऊंची बिल्डिंग बनती जा रही हैं लेकिन इनमें आग बुझाने के इंतजाम अग्निशमन विभाग के पास नहीं हैं। विभाग के पास कोई भी हाइड्रोलिक क्रेन नहीं है, जिससे ऊंचे भवन तक फायरकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
ऊंचे भवनों में लगे हाइड्रेंट और पाइप की मदद से ही आग बुझाने के प्रयास विभाग की ओर से किए जाते हैं। स्थानीय अधिकारियों की ओर से मुख्यालय से क्रेन की मांग भी काफी समय से की जा रही है।
