अब टू-जी नहीं, फाइव-जी की रफ्तार से चलेंगे बिजली के स्मार्ट मीटर; रिचार्ज खत्म होते ही कटेगी बिजली
बरेली में विद्युत विभाग 2G स्मार्ट मीटरों को 5G में अपग्रेड कर रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को तत्काल जानकारी मिल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
वीडियो जारी कर समझाया जा रहा स्मार्ट मीटरिंग का क्रियान्वयन
जागरण संवाददाता, बरेली। विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के लिए टू-जी स्मार्ट मीटर को फाइव-जी में परिवर्तित कराया जा रहा है। विभाग की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जिस तरह प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज कर संचालित किया जा रहा है, ठीक उसी तरह बिजली का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
विभाग की ओर से वीडियो जारी कर उपभोक्ताओं को एप डाउन लोड कर उसके क्रियान्वयन के तौर-तरीके सिखाए जा रहे हैं। बिजली के नए कनेक्शन के साथ प्री-पेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं। चार महीना पहले 34 हजार पोस्टपेड मीटरों को मुख्यालय से ही प्री-पेड में परिवर्तित किया जा चुका है।
विभाग की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जिस तरह प्री-पेड मोबाइल का पहले रिचार्ज कर संचालन किया जाता है, ठीक उसी तरह रिचार्ज कर बिजली का उपभोग किया जा सकता है। मध्यांचल मुख्यालय स्तर से स्मार्ट मीटर प्रणाली में डिस्कनेक्शन-रीकनेक्शन प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित कर दी गई है।
प्रीपेड बैलेंस शून्य होने पर बिजली कट जा रही और रिचार्ज करने पर आपूर्ति सुचारू हो जा रही है। शुरुआती दौर में उपभोक्ताओं के यहां टू-जी स्मार्ट मीटर लगवाए गए थे। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पुराने मीटर की जगह फाइव-जी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, इसका कोई शुल्क नहीं है।
उपभोक्ता किस तरह यूपीपीसीएल स्मार्ट एप के माध्यम से प्रतिदिन घर में हो रही बिजली की खपत और बैलेंस देखें, यह समझाने के लिए विभाग की ओर से रामपुर गार्डन स्थित खंड कार्यालय पर दो काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, वीडियो जारी कर प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
अधीक्षण अभियंता का कहना है कि नई व्यवस्था उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए है, अभी कुछ लोग असहज दिख रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि जिस तरह छोटी-छोटी वस्तुओं का क्रय करने के लिए डिजिटल एप का उपयोग किया जा रहा है, उसी तरह यह व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी।
