बरेली में बनेगा ई-बस अड्डा: 25 नई बसों को भी मिली मंजूरी, 50 प्रतिशत कम हुआ किराया
बरेली में इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार हो रहा है, जहां 25 नई बसों को मंजूरी मिली है और चौबारी ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बरेली को मिलीं 25 नई इलेक्ट्रिक बसें, कुल 50 होंगी।
चौबारी में ई-बस अड्डे के लिए जमीन हुई फाइनल।
किराए में 50% कटौती से यात्रियों को मिली राहत।
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में इलेक्ट्रिक बस को विस्तार देने के लिए बरेली के लिए 25 और बसों की सरकार ने दो दिन पहले स्वीकृति दे दी है। इसी मध्य चौबारी में ई-बस अड्डा की जमीन भी फाइनल हो गई है। नए बस अड्डे के लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सरकार को आय तो नहीं हो रही, लेकिन इससे आम जन को आवागमन में सहूलियत मिल रही है। 25 बसें पहले से चल रही हैं, 25 बसें और मिल जाने से रूटों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
बरेली सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड ने 18 जनवरी 2022 में शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कराया था। यात्रियों की संख्या कम होने पर शुरूआत में कुछ बसों का संचालन बरेली से फरीदपुर तक कराया गया, लेकिन शासन से निर्देश आने पर रोक दिया गया।

दो साल पहले फिर शहर के अलावा शीशगढ़, शेरगढ़ और मनौना धाम तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होने लगा था, लेकिन मुख्यालय के आदेश पर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन बंद करा दिया गया। वर्तमान में तीन रूटों पर बसों का संचालन कराया जा रहा है, जिनमें झुमका तिराहा से सेटेलाइट, मिनी बाइपास से वाया डेलापीर होते हुए जंक्शन और तीसरा रूट मिनी बाइपास से महादेव पुल होते हुए जंक्शन है।
किराए में हुई 50 प्रतिशत की कटौती
बस का किराया पहले ऑटो और ई-रिक्शा से अधिक था, लेकिन छह महीना पहले बरेली सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज प्रबंधन ने टिकट की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती कर ऑटो और ई-रिक्शा के बराकर कर दिया।
सामान्य दिनों में प्रतिदिन एक से सवा लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इस समय आय 62 से 63 हजार रुपये प्रतिदिन है। जबकि ई-बस संचालन में चालक-परिचालक, हाउस कीपर समेत विभिन्न पदों पर 179 अधिकारी-कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।
ई-बसों का संचालन मिनी बाइपास स्थित चार्जिंग स्टेशन से ही किया जाता है, बस अड्डा न होने से परेशानी हो रही थी। कई महीनों की मशक्कत के बाद चौबारी पर ई-बस अड्डा बनाने के लिए जमीन फाइनल कर दिया गया है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
चौबारी पर ई-बस अड़्डा की जमीन फाइनल हो गई है, अब डीपीआर तैयार कराई जा रही है। शासन से 25 और बसों की मंजूरी मिल चुकी है, उम्मीद है जल्द ही बसें आ जाएंगी। नए रूट चिह्नित किए जा रहे हैं। बस अड्डा बन जाने और 50 बसों का संचालन होने लगेगा तो यात्रियों को हर दस मिनट पर बस सेवा मिलने लगेगी। -मनीषा दीक्षित, एआरएम ई-बस सेवा।
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