5 हजार के लालच में टैक्सी ड्राइवर और डिलीवरी ब्वॉय बने साइबर ठगों के मददगार, 27 पासबुक और 12 एटीएम कार्ड मिले
बरेली में साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी पते पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को देने वाले दिल्ली के दो ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में ठगी के आरोपित
जागरण संवाददाता, बरेली। फर्जी पते पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को देने वाले दो आरोपितों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं, जिनमें एक टैक्सी ड्राइवर और एक डिलीवरी ब्वाय है। उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, 27 पासबुक, चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड और आधार-पैन कार्ड की छायाप्रतियां समेत अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर जंक्शन चौकी के पास सार्वजनिक शौचालय के निकट दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान दिल्ली निवासी विशाल और सचिन गुप्ता के रूप में हुई।
दोनों ने अपने आधार कार्ड में पता बदलकर सैनिक कालोनी, इज्जतनगर का पता दर्ज कराए थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम साइबर अपराध में संलिप्त लोगों को उपलब्ध कराए थे।
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि ट्रेन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात शोएब से हुई थी। शोएब ने उन्हें बैंक खाते खुलवाने और सिम उपलब्ध कराने के बदले रुपये देने का लालच दिया।
इसके लिए आधार में बरेली का पता बदलवाया गया। यूको बैंक में खाता खुलवाने के बाद एक सिम लिया गया और उन्हें पांच हजार रुपये दिए गए। बाद में दो-दो लाख रुपये देने का लालच भी दिया गया।
आरोपितों के मुताबिक आठ सितंबर को वे मोटरसाइकिल से बरेली आए थे। शोएब ने अपने साथियों अमल सैनी और फुजैर के साथ मिलकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए।
बाद में खातों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम लेकर वे दिल्ली लौट गए। पुलिस के अनुसार मामले में सामने आए शोएब और अमल सैनी पहले से ही दूसरे मामलों में जेल में बंद हैं।
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