बरेली, जेएनएन। Bareilly Coronavirus News : कोरोना ने अब जिले में दोबारा पांव पसारना शुरू कर दिया है। संक्रमित मरीजों के आंकड़े देखें तो प्रदेश के जिलों की फेहरिस्त में हमारा जिला टॉप-10 में शुमार हो चुका है। इस समय सबसे ज्यादा संक्रमितों वाले जिलों में बरेली का प्रदेश में आठवां स्थान है। फरवरी माह में जहां रोज तीन से चार मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही थी।

वहीं, मार्च में यह आंकड़ा रोज 25 संक्रमित मरीजों से भी आगे पहुंच गया है। यानी, करीब छह से आठ गुना ज्यादा। इसके बाद भी शहर में कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का ठीक से पालन नहीं हो रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन भी कोविड संक्रमण की जांच, बचाव या इलाज को लेकर उतना सतर्क नहीं दिख रहा है। मौजूदा समय में 214 सक्रिय कोविड मरीज बरेली में हैं।

डॉक्टर गायब, मरीज परेशान

मार्च माह से कोरोना संक्रमण के केस बढ़ने के बाद अब कोविड अस्पताल स्थित फ्लू कार्नर पर जांच कराने वालों की संख्या फिर बढ़ गई है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे यहां मरीजों की ओपीडी करने के लिए जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी वे लंच का हवाला देकर चले गए। इतने में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। लेकिन एक घंटे बाद तक भी जब डॉक्टर नहीं आए तो मरीजों ने हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य से शिकायत की। इस पर वह खुद ओपीडी करने में जुट गए। बुधवार को 300 बेड अस्पताल में कुल 142 लोगों की कोरोना जांच हुई। जिसमें पांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।

टीबी की मरीज नर्स कर रही कोरोना जांच

300 बेड हॉस्पिटल प्रबंधन मानव संसाधन कम होने की वजह से जूझ रहा है। आनन-फानन सीएचसी-पीएचसी पर तैनात स्टाफ की ड्यूटी यहां लगाई जा रही है। हालांकि इस जल्दबाजी में यहां एक और अनियमितता सामने आई। शहर के बानखाना पीएचसी पर तैनात नर्स की ड्यूटी कोरोना फ्लू कार्नर पर लगाई गई। स्टाफ नर्स ने सीएमएस को बताया कि वह टीबी से ग्रसित है उसका लंबे समय से इलाज चल रहा है।

अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कम स्टाफ में भी अच्छी सेवाएं देने का प्रयास है। फ्लू कार्नर में भी पिछले माह की तुलना में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसलिए कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन जरूर करें। - डॉ. वागीश वैश्य, सीएमएस, मंडलीय कोविड अस्पताल

Edited By: Ravi Mishra