सैमसंग को भारी पड़ा खराब फोन बेचना: उपभोक्ता आयोग ने दिया नया हैंडसेट और 20 हजार मुआवजा देने का आदेश
बरेली उपभोक्ता आयोग ने सैमसंग इंडिया को खराब फोन बेचने के लिए ग्राहक को नया फोन या ₹17,000 और ₹20,000 ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, बरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-द्वितीय ने सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रानिक्स को ग्राहक को नया मोबाइल फोन या उसकी पूरी कीमत के साथ-साथ हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी और सदस्य दिनेश गुप्ता ने दो साल पुराने मामले में आदेश पारित किया।
राजेंद्र नगर निवासी अनूप जैन ने विपक्षी कंपनी से नवंबर 2021 में 17,000 रुपये की लागत से एक सैमसंग ए-21 मोबाइल फोन खरीदा, जिसकी एक वर्ष की वारंटी थी।
परिवादी का आरोप था कि यह हैंडसेट शुरुआती दिनों से ही ठीक से काम नहीं कर रहा था और इसमें इनकमिंग वायस न आना, स्पीकर पर बात करना, टच की समस्या, बैटरी जल्दी खत्म होना और अत्यधिक हीटिंग जैसी दिक्कतें बनी हुई थीं।
बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने और लीगल नोटिस भेजने के बावजूद जब कंपनी ने समस्या का समाधान नहीं निकाला और जानबूझकर वारंटी अवधि पार कराने की मंशा से फोन को अपने पास लटकाए रखा।
तब उपभोक्ता ने आयोग की शरण ली। विपक्षी कंपनी ने तर्क दिया कि हैंडसेट की बारीकी से जांच की गई थी और उसमें कोई भी मैन्युफेक्चरिंग डिफेक्ट नहीं पाया गया।
आयोग ने विपक्षी कंपनी को दोषी मानते हुए निर्देश दिया है कि परिवादी को अधिकृत सर्विस सेंटर में डिफेक्टिव मोबाइल जमा करने के 45 दिनों के भीतर उसे उसी कीमत का नया फोन या 17,000 रुपये नकद लौटाए जाएं। विलंब होने पर परिवाद की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग ने परिवादी को 20,000 रुपये मुआवजा भी दिलाया है।
