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बरेली: 3.11 करोड़ का इन्क्यूबेशन सेंटर में शुरू, युवाओं को न्यूनतम खर्च में मिलेगा स्टार्टअप का मौका

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:58 PM (IST)

बरेली के कामन इन्क्यूबेशन सेंटर में 3.11 करोड़ की लागत से बना केंद्र 9 महीने बाद शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

काॅमन इनक्यूबेशन सेंटर में बेकरी उत्पाद तैयार करते कर्मचारी। जागरण

काॅमन इनक्यूबेशन सेंटर में बेकरी उत्पाद तैयार करते कर्मचारी। जागरण 

HighLights

  1. ग्ली इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी तैयार कर रहे अभी बेकरी के उत्पाद

  2. लैब स्थापित नहीं हो पाने से दूध और टमाटर की अभी शुरू नहीं हुई प्रोसेसिंग

कमलेश शर्मा, बरेली। निजी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कई कंपनियां पहले से कार्य कर रही हैं। सरकार की ओर से स्थापित किए गए काॅमन इन्क्यूबेशन सेंटर में लोकार्पण के 9 महीने बाद उत्पादन शुरू हो गया है। अभी बेकरी उत्पाद ही तैयार किए जा रहे हैं, लैब स्थापित नहीं हो पाने से दूध और टमाटर की प्रोसेसिंग शुरू नहीं हो सकी है।

स्वयं सेवी संस्थाओं को प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। स्टार्टअप शुरू करने के लिए युवाओं को कच्चा माल ले आने पर न्यूनतम शुल्क में प्रोसेसिंग की सुविधा दी जाएगी।

कामन इनक्यूबेशन सेंटर में बेकरी उत्पादों की प्रोसेसिंग करते कर्मचारी। जागरण

उद्यान विभाग से अलग होने के बाद जिले में खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियां बढ़ी हैं। निजी क्षेत्रों में 48 कंपनियों की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिनके उत्पाद दूसरे प्रदेशों तक निर्यात किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने और स्वयं सेवी संगठनों को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर रोजी-रोटी से जोड़ने के लिए सौ फुटा रोड पर 3.11 करोड़ की लागत से काॅमन इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना कराई गई है।

संचालन की जिम्मेदारी ग्ली इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। नौ महीना पहले एक फरवरी को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका वर्चुअल उद्घाटन भी कर दिया था, लेकिन उत्पादन अब शुरू हो सका है।

कामन इनक्यूबेशन सेंटर में बेकरी उत्पादों की प्रोसेसिंग के लगी मशीनें। जागरण

बेकरी में ब्रेड, कुकीज, पाव, बड़ा पाव, बर्गर बंद, पिज्जा बेस, पिज्जा जम्बो बेस तैयार किया जा जा रहा है। कंपनी ने उत्पादों की बिक्री के लिए शहर में अपने चार आउटलेट खोल दिए हैं।

लघु उद्यमी कच्चा माल लाकर न्यूनतम शुल्क पर उत्पाद तैयार कर कारोबार कर सकेंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और युवा न्यूनतम लागत में अपना स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

फूड टेस्टिंग लैब बनने के बाद दूध, टमाटर की प्रोसेसिंग

गुणवत्तापरक दूध और टमाटर के उत्पाद तैयार करने के लिए फूड प्रोसेसिंग लैब की स्थापना के लिए 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर इसकी स्थापना के लिए टेंडर हो चुके हैं।

लैब स्थापित हो जाने के बाद दूध प्रोसेसिंग कर पनीर, खोवा, रबड़ी मिठाई तैयार की जाएगी। टमाटर की प्रोसेसिंग कर टमाटर सास, टमाटर प्यूरी तैयार की जाएगी। न्यूनतम शुल्क लेकर आम आदमी के कच्चा माल लाने पर प्रोसेसिंग कर उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

काॅमन इन्क्यूबेशन सेंटर में प्रोसेसिंग कर बेकरी के उत्पादन तैयार होने लगे हैं। फूड टेस्टिंग लैब के लिए शासन स्तर पर टेंडर हो चुके हैं। जल्द ही दूध और टमाटर की प्रोसेसिंग शुरू होगी। स्वयं सहायता समूहों को यहां प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

- अंशिल सिन्हा, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य प्रसंस्करण केंद्र


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