बरेली कॉलेज में पार्किंग पर मचा घमासान: प्राचार्य ने वापस भेजी कार, शिक्षकों की प्रशासन को सोमवार से बड़ी चेतावनी
बरेली कॉलेज में शिक्षकों की पार्किंग व्यवस्था बदलने के विरोध में शिक्षक संघ ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें
HighLights
घेराव के बाद प्राचार्य ने अपनी कार भी भेजी वापस, विभागों के पास पार्किंग बनाने की हुई मांग
जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली कालेज में शिक्षकों की पार्किंग व्यवस्था बदलने के आदेश का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को शिक्षक संघ ने आम सभा आयोजित करने के बाद प्राचार्य कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षक संघ के समर्थन में कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के सदस्य भी शामिल हुए और पार्किंग संबंधी आदेश को वापस लेने की मांग की।
बैठक में शिक्षकों ने कहा कि 10 सितंबर को जारी आदेश के तहत उनकी पार्किंग कालेज के मुख्य बैरियर के पास निर्धारित कर दी गई है। इससे सभी शिक्षकों को अपने विभागों तक पैदल जाना पड़ रहा है, जिससे विशेषकर वरिष्ठ और अस्वस्थ शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
बरेली कॉलेज में पार्किंग के लिए प्राचार्य से बहस करते शिक्षक pic.twitter.com/tWeMTW22qU
— anshul saxena (@rudrasaxena) September 11, 2026
शिक्षक संघ के सचिव प्रो. वीरपाल सिंह ने कहा कि किसी छात्र संगठन की मांग पर शिक्षकों के विभागों तक वाहन ले जाने पर रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और लंबी दूरी पैदल तय करना उनके लिए कठिन है। ऐसे में शिक्षकों को विभागों के निकट पार्किंग की सुविधा मिलनी चाहिए।
गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को दी छूट
प्रदर्शन के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल प्राचार्य से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। भीड़ अधिक होने के कारण प्राचार्य बाहर आकर शिक्षकों से मिले और उनकी बातें सुनीं। इस दौरान परिसर में प्राचार्य के वाहन आने का मुद्दा भी उठा, जिस पर उन्होंने अपनी कार तत्काल परिसर के बाहर भिजवा दी।
शिक्षक संघ ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्किंग व्यवस्था में संशोधन नहीं किया गया तो सोमवार को सभी शिक्षक अपने वाहन लेकर परिसर में प्रवेश करेंगे और विभागों के पास ही उन्हें पार्क करेंगे। संघ का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान और सुविधा से जुड़े इस मुद्दे पर वे पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि कालेज प्रशासन ने नए आदेश में केवल गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वाहन सहित अंदर आने की छूट दी है, जबकि अन्य सभी शिक्षकों के लिए बैरियर के पास पार्किंग अनिवार्य कर दी गई है। यही आदेश अब विवाद का कारण बन गया है।
