बरेली, जेएनएन। Bareilly BAMS Student News : सेंट्रल काउंसिल आफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआइएम) दिल्ली में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का पंजीकरण न होने से बैचलर आफ आयुर्वेद एंड मेडिसिन (बीएएमएस) के सैकड़ों छात्र उत्तीर्ण होने के बाद डिग्री लेने के बाद घूम रहे हैं। मंडल की तीन आयुर्वेदिक कालेज 2014 में रुविवि से संबद्ध किए गए थे। इन तीनों कालेजों में पढ़ने वालों का सत्र पूरा होने के बाद इंटर्नशिप भी कर ली।

इसके बाद प्रैक्टिस की अनुमति के लिए लखनऊ गए तो विश्वविद्यालय का पंजीकरण सीसीआइएम दिल्ली में न होने की वजह से अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में छात्रों की समस्या को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार डा. राजीव कुमार ने पंजीकरण के संबंद्ध में सभी दस्तावेज सीसीआइएम को भेज दिए हैं। वहीं छात्रों का कहना है कि सीसीआइएम ने उन्हें आरटीआइ के जवाब में तीन बार विश्वविद्यालय को रिमाइंडर भेजने के बाद भी दस्तावेज नहीं भेजे गए।

छात्रों के मुताबकि आरटीआइ के जवाब में सीसीआइएम आयुष की सहायक रजिस्ट्रार रिचा शर्मा ने 28 मई 2021 को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज भेजने को कहा था। जिसमें विश्वविद्यालय की ओर से दी जाने वाली डिग्री, सर्टिफिकेट, पहले बैच के लिए डिग्री अवार्ड का दिन, माह व वर्ष की जानकारी मांगी गई थी। जिसे उपलब्ध न होने पर पंजीकरण नहीं किया गया।

यही नहीं इससे पहले 27 जून 2019, आठ जनवरी 2020, 26 मार्च 2021 को पत्र भेजकर भी विश्वविद्यालय से दस्तावेज मांगे गए थे। हालांकि अब विश्वविद्यालय से कागज भेज दिए जाने के बाद पंजीकरण होने की बात कही जा रही है।

Edited By: Ravi Mishra