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कांग्रेस की मांग से सपा में हलचल: बरेली की 4 विधानसभा सीटों पर किया दावा, गठबंधन बनेगी गांठ

Published: Tue, 27 Oct 2026 10:15 PM (IST)

कांग्रेस ने बरेली की चार विधानसभा सीटों मीरगंज, आंवला, कैंट और शहर पर अपने प्रत्याशी उतारने का प्रस्ताव प्रदेश नेतृत्व ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 2022 में चारों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले थे 2,280 से 5,288 तक वोट

  2. कांग्रेस के दावे के बाद सपा के सामने भी नए सिरे से तैयारी में जुटने की चुनौती

अजय शर्मा, बरेली। विधानसभा चुनाव की आहट के साथ जिले में राजनीतिक दलों के अंदर सीटों का गणित भी आकार लेने लगा है। कांग्रेस ने मीरगंज, आंवला, बरेली कैंट और शहर विधानसभा सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने का प्रस्ताव प्रदेश नेतृत्व को भेज अपनी दावेदारी पेश कर दी है। कांग्रेस के चार सीटों पर दावे के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए गठबंधन को लेकर अपनी तैयारियों को नए सिरे से जुटने की चुनौती बन गई है।

विधानसभा-2022 के चुनाव में चारों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले मतों की संख्या भले ही सीमित रही, लेकिन कैंट और आंवला जैसी सीटों पर सपा और भाजपा के बीच मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी था।

ऐसे में कांग्रेस की चुनावी तैयारी का असर केवल उसके अपने प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें कांग्रेस का संभावित उम्मीदवार का प्रभाव और वह किन मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल होता समेत अन्य पहलु भी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

कैंट में सपा की हार के अंतर से कम थे कांग्रेस को वोट

वर्ष 2022 में बरेली कैंट सीट पर भाजपा के संजीव अग्रवाल को 98,931 और सपा की सुप्रिया ऐरन को 88,163 वोट मिले थे। भाजपा ने यह सीट 10,768 मतों के अंतर से जीती थी। कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद इस्लाम अंसारी को 2,280 वोट मिले थे। यानी कांग्रेस को मिले मत सपा की हार के अंतर से काफी कम थे।

आंवला में 18 हजार से अधिक मतों का अंतर

आंवला में भाजपा के धर्मपाल सिंह को 88,956 और सपा के पंडित राधाकृष्ण शर्मा को 70,532 वोट मिले थे। भाजपा की जीत का अंतर 18,424 मत रहा। कांग्रेस प्रत्याशी ओमवीर को 2,307 वोट मिले थे।

यहां कांग्रेस का पिछला प्रदर्शन सपा की हार के अंतर से काफी कम था। ऐसे में कांग्रेस के अलग चुनाव लड़ने से सपा को कितना नुकसान होगा, यह उसके प्रत्याशी की ताकत और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

मीरगंज और शहर में भी सीमित रहा कांग्रेस का प्रदर्शन

मीरगंज में भाजपा के डाॅ. डीसी वर्मा को 1,16,435 और सपा के सुल्तान बेग को 83,955 वोट मिले थे। भाजपा की जीत का अंतर 32,480 वोट रहा, जबकि कांग्रेस के मोहम्मद इलियास को 5,288 मत मिले थे।

शहर विधानसभा सीट पर भाजपा के डाॅ. अरुण कुमार को 1,29,014 और सपा के राजेश अग्रवाल को 96,694 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णकांत शर्मा को 2,311 मत मिले थे।

दावेदारी के पीछे संगठन की परीक्षा भी

इन चार सीटों पर दावा करना के पीछे कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत आमजन तक पहुंच बढ़ाने, लगातार आमजन के विषयों को प्रमुखता से उठाना बताया है।

जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के अनुसार संगठन सृजन के तहत कांग्रेस ने मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाई है, प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व की ओर से लिया जाएगा।

वहीं अब सपा के सामने चुनौती यह होगी कि वह संभावित गठबंधन की स्थिति में सीटों के बंटवारे और अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में विपक्षी मतों के संभावित बिखराव का आकलन कैसे करती है।

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