जेएनएन, बरेली : अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने पर तीन तलाक पीड़िताओं ने खुशी जताई। कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण में वे भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। मंदिर निर्माण के लिए ईंट रखने वे अयोध्या जाएंगी।

अल्लामा इकबाल ने राम को दी इमामे हिंद की उपाधि 

तीन तलाक पीड़िताओं की अगुवाई कर रहीं मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने दैनिक जागरण से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अल्लामा इकबाल ने श्री राम को इमामे हिंद की उपाधि दी थी। बोलीं कि अयोध्या में मंदिर निर्माण की तैयारियां पूरी होने के बाद वहां जाएंगी। निर्माण में बरेली जिले की कई तीन तलाक पीड़िताएं अपनी भागीदारी करेंगी। फरहत ने कई अन्य पहलुओं को जोड़ते हुए भी बताया कि हिंदूऔर मुसलमानों में आपसी प्रेम-सौहार्द हमेशा रहा है।

फैसले ने दूर की हिंदू व मुसलमानों के बीच की खटास 

फरहत कहती हैं कि हर कोई जानता है। श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ। उनके पिता दशरथ वहां के राजा थे। बाबर दूसरे देश से यहां आया था। यह ऐतिहासिक तथ्य है। अब इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है। इस फैसले ने हिंदू व मुसलमानों के बीच की खटास दूर कर दी है।

Posted By: Abhishek Pandey

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