जेएनएन, बरेली: जेल में माफिया और पूर्व सांसद अतीक पूरे रुआब से रह रहा है। गुरुवार शाम को जेल में एकाएक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने छापा मारा। अधिकारी जब अतीक अहमद की बैरक में पहुंचे तो उसने अपने ही स्टाइल में कहा- पूछ लीजिए इन बंदियों से, यहां किसी की चमड़ी तो नहीं उधेड़ी। यह सुनकर अधिकारी भी मुस्करा उठे। इसके बाद साथ रह रहे बंदियों से पूछताछ की, अतीक किसी को डरा धमका तो नहीं रहा है। हालांकि, सभी ने मना कर दिया। अभियान के दौरान कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।

गुरुवार शाम करीब चार बजे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने जिला जेल पर छापा मारा। एडीएम सिटी, एसपी सिटी, एसपी देहात, सीओ प्रथम, एएसपी, शहर के सभी थानेदार, देहात के चार थानेदार, एक प्लाटून पीएसी, क्यूआरटी दस्ता मौजूद रहा। जेल में एक-एक बंदी की तलाशी ली गई।

जब से आए हैं, तलाशी दे रहे

इसी दौरान अतीक अहमद की बैरक में भी पुलिस अधिकारी गए। अतीक से अधिकारियों ने तलाशी की बात कही तो बोला- जब से आए हैं तलाशी तो दे रहे हैं। आप भी ले लो। इस पर दो अधिकारियों ने अतीक की तलाशी ली। उसकी अटैची भी चेक की गई। इसमें शॉल व गर्म कपड़े थे। उसके खाने-पीने तक का सामान चेक किया गया। अतीक जिस बैरक में बंद था उसमें नौ और बंदी थे।

पुलिस पर उतारी खीज

तलाशी के दौरान ही अतीक अहमद ने अपने स्टाइल में पुलिस अधिकारियों से बंदियों की तरफ इशारा करते हुए कहा- पूछ लो इनसे कहीं चमड़ी तो नहीं उधेड़ी किसी की। यह सुनकर अधिकारी मुस्करा दिए। इसके बाद अतीक के साथ में बंद नौ बंदियों की तलाशी ली गई। उनसे पूछा भी गया कि अतीक डरा धमका तो नहीं रहा है। सबने मना कर दिया।

यह है मामला

दरअसल, देवरिया जेल में अतीक पर व्यापारी का अपहरण कराकर जेल में बुलवाने और पीटकर चमड़ी उधेड़ने का आरोप लगा था। इसी संदर्भ में उसने अधिकारियों पर यह तंज कसा था।

इलाहाबाद से तीन लोग मिलने आए तो पड़ा छापा

गुरुवार दोपहर को इलाहाबाद से तीन लोग अतीक से मिलने जिला जेल पहुंचे। जेल अधिकारियों ने उनकी अतीक से मुलाकात करवा दी मगर, इसकी सूचना प्रशासन को भी दे दी। मामला शासन तक गया तो आनन-फानन शाम को एकाएक जेल में सर्च अभियान चलाकर चेकिंग कराई गई। आशंका थी कि कहीं अतीक के पास मोबाइल या कोई और प्रतिबंधित चीज तो नहीं पहुंच गई।

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