विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नशे से नहीं भजन से सुकून... बरेली में बोले पद्मश्री अनूप जलोटा- बदली अयोध्या, अब मथुरा की बारी

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:13 PM (IST)

पद्मश्री अनूप जलोटा ने बरेली में युवाओं, संगीत और अपने नए भजन 'बदली अयोध्या, अब मथुरा की बारी है' पर ...और पढ़ें

अनूप जलोटा

अनूप जलोटा

HighLights

  1. खत्री सभा के कार्यक्रम में बरेली पहुंचे पद्मश्री भजन सम्राट ने जागरण से साझा किए विचार

हिमांशु अग्निहोत्री, बरेली। खत्री सभा के कार्यक्रम में बरेली पहुंचे पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा ने शहर से अपने आत्मीय रिश्ते, युवाओं, संगीत और नए भजनों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अपने लोगों से मिलने वाला सम्मान किसी भी बड़े पुरस्कार से अधिक मूल्यवान होता है।

बरेली उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा है क्योंकि उनकी बहन अनीता का विवाह यहीं हुआ है। संगीत पर कहा, यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा को जोड़ने वाला माध्यम है। आधुनिकता और परंपरा साथ-साथ चल सकती हैं, बशर्ते युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें।

प्रश्न: बरेली से आपका रिश्ता कितना खास है?

उत्तर: बरेली मेरा घर है। यहां मेरी बहन रहती हैं, इसलिए इस शहर से मेरा पारिवारिक जुड़ाव है। अपने शहर और अपने लोगों से मिलने वाला सम्मान सबसे अधिक खुशी देता है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के भजन क्लबिंग जैसे प्रयोग को कैसे देखते हैं?

उत्तर: देश युवाओं से चलेगा। जेन-जी का मतलब केवल कम उम्र नहीं, बल्कि नए विचार भी हैं। आज कई युवा तनाव दूर करने के लिए क्लब और नशे का सहारा लेते हैं, जबकि वह स्थायी समाधान नहीं है। भजन-कीर्तन मन को शांति देता है और यही वजह है कि युवा भी आध्यात्मिक संगीत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

प्रश्न: क्या भजन आज भी युवाओं में लोकप्रिय हो सकते हैं?

उत्तर: बिल्कुल। भारत में सदियों से भजन-कीर्तन की परंपरा रही है। संगीत का माध्यम बदल सकता है, लेकिन भाव नहीं बदलते। अगर प्रस्तुति अच्छी हो तो युवा भी पूरे मन से जुड़ते हैं।

प्रश्न: आपके नए भजन की क्या खासियत होगी?

उत्तर: मेरा नया भजन बहुत विशेष है। इसकी पंक्तियां हैं, ''बदली अयोध्या, अब मथुरा की बारी है… राम लिए खड़े धनुष, अब वंशी की बारी है।'' यह भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देता है। उत्तर प्रदेश मंदिरों की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है।

प्रश्न: आपका सबसे प्रिय भजन कौन-सा है और क्यों?

उत्तर: ऐसी लागी लगन... मेरे दिल के सबसे करीब है। उसके शब्द, भाव और धुन तीनों मिलकर ऐसी अनुभूति देते हैं जो सीधे हृदय तक पहुंचती है।

प्रश्न: बरेली के युवाओं को क्या संदेश देंगे?

उत्तर: अपने शहर की पहचान को दुनिया तक पहुंचाइए। झुमका, जरी-जरदोजी, सुरमा और बांस की कला बरेली की अनमोल धरोहर हैं। युवाओं को इन पारंपरिक पहचान को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाना चाहिए।

प्रश्न: अच्छे गायक बनने के लिए सबसे जरूरी क्या है?

उत्तर: शास्त्रीय संगीत की शिक्षा। जब कोई कलाकार शास्त्रीय संगीत सीखता है तो उसकी आवाज में खिंचाव, आकर्षण और स्थिरता अपने आप आ जाती है। वही मजबूत नींव हर शैली के संगीत में काम आती है।

यह भी पढ़ें- बरेली में नकाटिया नदी को बचाने मैदान में उतरी सेना; जवानों के श्रमदान से तैयार होगा 11 हजार पौधों का 'ग्रीन कॉरिडोर'