जेएनएन, बरेली : नवजात फेंके जाने का सिलसिला बना हुआ है। सोमवार सुबह कस्बे के लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले तो उन्हें पनघेली नदी के नए पुल के किनारे नवजात का शव पड़ा दिखा। माना जा रहा है कि भीड़ में से ही किसी ने पुलिस सूचना दी। उसके बाद शव बाहर निकाला गया। शव बच्ची का था। कोतवाल गौरव सिंह ने बताया कि मालूम किया जा रहा कि किसने नवजात को फेंका है।

खेत में बच्ची को फेंक गए थे बाइक सवार

17 अक्टूबर को मीरगंज क्षेत्र के गांव मीरनगर उर्फ नौगांवा में बाइक सवार युवक नवजात बच्ची को खेत में फेंककर भाग गए थे। ग्रामीणों ने पुलिस के सहयोग से बच्ची को सीएचसी पर पहुंचाया था। बाद में उसे बाल कल्याण बोर्ड के सुपुर्द कर दिया गया।

अस्पताल के शौचालय में फेंका था नवजात

15 अक्टूबर को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड स्थित शौचालय की सीट में भी एक नवजात का शव मिला था। उसे कौन फेंक गया, यह भी नहीं पता चल सका।

जमीन के अंदर मटके में मिली थी नवजात

11 अक्टूबर को सिटी श्मशान भूमि में नवजात को मटके के अंदर जिंदा दफना दिया गया था। उसी दिन सीबीगंज की वेस्टर्न कॉलोनी निवासी महिला दारोगा ने मृत प्री मेच्योर बच्ची को जन्म दिया। शाम करीब छह बजे उनके पति हितेश कुमार सिरोही नवजात का शव दफनाने सिटी श्मशान भूमि पहुंचे थे। इत्तेफाक से उसी गड्ढे को खोदवाया जहां मटके समेत नवजात को दबाया गया था। हितेश ने मटका खोला तो बच्ची जिंदा थी। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।इसके अलावा दस माह पूर्व ग्राम अभयराजपुर में गन्ने के खेत में नवजात कपड़े में लिपटा मिला था।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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