जेएनएन, बरेली :  चार माह पहले श्मशान भूमि की जमीन के अंदर एक घडे़ से निकली बरेली की सीता स्वाइन फ्लू से नहीं बल्कि निमोनिया से पीड़ित है, यह पुष्टि सीता का इलाज कर रहे डॉ रवि खन्ना ने जांच सैम्पल की रिपोर्ट आने के बाद की। जिसका अब सी पैट मशीन से उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक की मानें तो अब सीता की हालत पहले से बेहतर है। 

वार्न बेबी फोल्ड में बिगड़ी हालत 

रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में भर्ती चार माह की सीता की हालत वार्न बेबी फोल्ड में बिगड़ी। सीता पिछले कुछ महीनों से  वार्न बेबी फोल्ड अनाथालय में रह रही है। जिसकों कुछ दिन पहले खांसी, जुकाम हुआ था, हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां चिकित्सक ने उसके स्वाइन फ्लू से पीडित होने की संभावना जताई थी। 

लखनऊ की रिपोर्ट से दूर हुई आशंका 

लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट के बाद चिकित्सक सहित सभी की आशंकाओं का समाधान हो गया। बच्ची के निमोनियां से पीडित होने की बात सामने आते ही चिकित्सक ने इलाज शुरु कर दिया है। गौरतलब है कि बच्चों के निमाेनियां से पीडित होने के मामले काफी गंभीर माने जाते है। 

पहले भी एक माह भर्ती रह चुकी है सीता

सिटी श्मशान भूमि में दस अक्टूबर को जमीन के नीचे मटके के अंदर मिली सीता पहले भी एक माह अस्पताल में भर्ती रह चुकी है। क्याेंकि जमीन के अंदर से निकली सीता की हालत ठीक नहीं थी, जिसे पहले जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्रा ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया था।

एसएसपी ने दर्ज कराया था अज्ञात पर मुकदमा 

सिटी श्मशान भूमि पर नवजात को जिंदा दफनाने के मामले में एसएसपी शैलेष पांडेय ने अज्ञात लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस को इस बात की जांच करने के आदेश भी दिए थे, कि नवजात को मटके में रख किसने जमीन में दबाया था। सुभाषनगर थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। 

Posted By: Ravi Mishra

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