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Lawyar Sanjay Singh Murder Case : सवर्ण समाज वाट्सएप ग्रुप में छिपा है अधिवक्ता संजय सिंह की हत्या का राज

Lawyar Sanjay Singh Murder Case सवर्ण समाज वाट्सएप ग्रुप में अधिवक्ता संजय सिंह की हत्या का राज छिपा है। घटना से एक दिन पूर्व संजय सिंह ने आरोपित सपा नेता मुदित प्रताप सिंह की डीडीसी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

By Ravi MishraEdited By: Published: Fri, 17 Sep 2021 06:58 AM (IST)Updated: Fri, 17 Sep 2021 06:58 AM (IST)
Advocate Sanjay Murder Case : सवर्ण समाज वाट्सएप ग्रुप में छिपा है अधिवक्ता संजय सिंह की हत्या का राज

बरेली, जेएनएन। Lawyar Sanjay Singh Murder Case: सवर्ण समाज वाट्सएप ग्रुप में अधिवक्ता संजय सिंह की हत्या का राज छिपा है। घटना से एक दिन पूर्व संजय सिंह ने आरोपित सपा नेता मुदित प्रताप सिंह की डीडीसी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। अलीगंज में 302 के एक मुकदमे में नामजद मुदित का नाम निकलने पर संजय ने ग्रुप पर उनकी पत्नी के लिए अभद्र टिप्पणी की, फिर लिखा और कुछ। गंभीर आरोप देख ग्रुप में जुडे लोगों ने हस्तक्षेप किया। कहा कि परिवार के निजी मामले घर पर सुलझाए। संजय के मैसेज पर पलटवार करते हुए मुदित ने उसके बेटे के चोरी में पकड़े जाने की दाे खबरों की कतरन ग्रुप पर पोस्ट की। अंदेशा है कि इसी मामला हत्या की वारदात तक पहुंच गया। फिलहाला, मुदित, उसका साथी गुड्डू, राहुल व मयंक अवस्थी फरार हैं।

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बिशारतगंज के अतरछेड़ी गांव के रहने वाले अधिवक्ता संजय सिंह की 14 सिंतबर को हत्या कर दी गई थी। पत्नी रजनी ने सपा नेता मुदित प्रताप सिंह गुड्डू, राहुल व मयंक पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मंगलवार को पति बाइक से घर वापस आ रहे थे। वह करगैना पहुंचे ही थे तभी फोन कर कहा कि मुदित प्रताप सिंह व उसके साथी जीप से उसका पीछा कर रहे हैं। शाम चार बजकर 38 मिनट पर फिर फोन किया विशारतगंज के गिधौली फाटक के आगे आने की बात कहते हुए जोर से चिल्लाए।

आरोप लगाया कि मुदित ने गुड्डू, राहुल व मयंक के साथ मिलकर जान-बूझकर जीप से टक्कर मारकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संजय की दोनों पसिलयां टूटे होने की पुष्टि हुई थी। शरीर में 19 स्थानों पर चोटों के निशान मिले थे। इधर, तफ्तीश में सामने आया कि दोनों के बीच का विवाद करीब तीन वर्षो से सार्वजनिक हो गया थ। इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों वाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पर संजय व मुदित एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते थे। दोनों में बराबर ही आरोप-पलटवार चल रहा था। जिला पंचायत चुनाव के समय भी संजय ने मुदित की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

छोटे-छोटे मनमुटाव बड़ी दुश्मनी की वजह

संजय सिंह व मुदित प्रताप सिंह के बीच कई वर्षो से छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव होने शुरू हो गए थे। धीरे-धीरे यह बाते इतनी बड़ी हो गई की दोनों भाई एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। छात्र जीवन में दोनों भाइयों में बहुत स्नेह था। मुदित राजनीति में जाना चाहता था और संजय मुदित को राजनीति में सफल करने के लिए रणनीति तैयार करते थे।

आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान मुदित को राजनीतिक तौर पर सफल करने के लिए संजय सिंह ने ही रणनीति बनाई। बरेली के अयूब खान चौराहे पर मुदित ने आत्मदाह का प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि राजनीति में मुदित नया चेहरा उभरकर सामने आया। संजय उनके लिए चाणक्य की भूमिका निभाते रहे। मुदित राजनीति के साथ ठेकेदारी करने लगा और उसकी आर्थिक स्थिति बेहद सुदृढ़ होती रही लेकिन, संजय की आर्थिक स्थिति जस की तस बनी रही।

30 वर्ष पूर्व मुदित ने राशन की दुकान करा ली थी अपने नाम

30 वर्ष पूर्व मुदित ने राशन की दुकान अपने नाम करा ली थी। बाद में संजय प्रधानी का चुनाव लड़े और हार गए। इसके बाद संजय ने मुदित पर चुनाव में भरपूर सहयोग न देने का आरोप लगाया था। यही सब बातें दोनों भाइयों में दुश्मनी की वजह बनी। संजय और मुदित के मतभेदों के चलते जब मुदित की पत्नी प्राची सिंह ने जिला पंचायत का चुनाव जीता तो इसके बाद संजय ने मुदित के विरुद्ध इंटरनेट मीडिया पर तरह तरह के कमेंट करना शुरू कर दिए थे।

मुदित के विरुद्ध दर्ज हुए कई मुकदमों और अवैध ढंग से लिए गए शस्त्र लाइसेंस के बारे में विस्तार से लोगों को बताने लगे। बकायदा, अखबार की कटिंग एवं अधिकारियों से की गई तमाम शिकायतों के फोटो को इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया। लोगों का मानना है कि इन्हीं पोस्ट ने दोनों भाइयों के मध्य पनप रही नफरत में आग में घी डालने का काम किया।

हर बिंदु पर पुलिस जांच में जुटी है। आरोपितों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर घटना का राजफाश किया जाएगा।- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात


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