जागरण संवाददाता, बरेली : लाखो रुपये कर्ज से परेशान प्रेमनगर के टेट कारोबारी ने मोबाइल पर बात करते हुए खुद को कमरे मे गोली से उड़ा लिया। गोली की आवाज सुनकर दूसरे कमरे मे मौजूद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरो ने मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान कारोबारी की साढू से बात हो रही थी और वह अपने उधार दिए दो लाख रुपये मांग रहा था। फिलहाल पुलिस ने मोबाइल व रिवाल्वर कब्जे मे लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के बाद परिजनो मे कोहराम मच गया।

प्रेमनगर के अरविंद नगर स्थित जी टू कहकशा अपार्टमेट निवासी राजीव सक्सेना उर्फ मून (50) टेट कारोबारी थे। उनका मयूर टेट हाउस के नाम से कारोबार था। इसी के साथ वह लीज पर पंचायत बरातघर भी ले रखा था। सोमवार देर शाम वह घर पहुंचे। घर मे पत्नी कल्पना बेटा श्रेय व भतीजा यश थे। वह सभी आगे के कमरे मे बैठकर बात कर रहे थे। राजीव दूसरे कमरे मे गए तो उसी दौरान उनके साढू का फोन आया।

मंडी सहायक साढू ने मांगे थे अपने दो लाख रुपये

भूड़ निवासी साढू प्रकाश चंद्र सक्सेना से उनकी फोन पर बात हुई। वह डेलापीर सब्जीमंडी मे सहायक के पद पर तैनात है। उन्होने एक साल पहले दिए गए अपने दो लाख रुपये वापस मांगे। राजीव ने कहा कि जल्द ही वह रुपये का इंतजाम कर देगे। बात करते-करते आलमारी से रिवाल्वर निकाला। बाएं हाथ से फोन पकड़कर दाहिनी हाथ से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही परिजन कमरे मे पहुंचे तो वह तड़प रहे थे। तुरंत उन्हे अस्पताल लेकर गए मगर चिकित्सको ने मृत घोषित कर दिया।

देहरादून पढ़ने जा रहा था बेटा, बाहर खड़ी थी कैब

राजीव के खुद का कोई बेटा नही था। उनके बड़े भाई संजीव सक्सेना वाणिज्यकर से रिटायर है जोकि बैक में कार्यरत बेटे के साथ देहरादून मे रहते है। जबकि उनका छोटा भाई प्रवीण बैक मे नौकरी करते है। वह भूड़ स्थित पुस्तैनी मकान मे रहते है। राजीव ने छोटे भाई के तीन बच्चो मे छोटे बेटे श्रेय को गोद ले लिया था। जोकि देहरादून मे होटल मैनेजमेट की पढ़ाई कर रहा है। वह चार दिन पहले ही घर आया था। घटना से पहले वह देहरादून जाने की तैयारी कर रहा था। कैब बुला ली मगर इसी दौरान यह हादसा हो गया।

बारात घर पर था नगर निगम के टैक्स का आठ लाख था बकाया

राजीव टेट के साथ बरात घर का कारोबार करते थे। उनपर बरात घर का करीब आठ लाख नगर निगम का टैक्स बकाया था। जिसको लेकर वह परेशान थे। उन्होने एक साल पहले साढू से जो दो लाख रुपये लिए थे, वह नवंबर मे वापस करने का भरोसा दिया था। घटना वाले दिन भी उनका बारातघर बुक था। वह शाम को बारातघर से ही आए थे।

पार्टनरशिप पर था रेस्टोरेट, दो महीने मे कर दिया था बंद

उन्होने अपने मनोज नाम के दोस्त के साथ मिलकर छह महीने पहले प्रेमनगर थाने के सामने रेस्टोरेट खोला था। दो महीने बाद ही पार्टनर से कुछ बात हुई तो उन्होने रेस्टोरेट बंद कर दिया था।

तीन साल पहले भूड़ मे मकान बेचकर खरीदा था फ्लैट

राजीव तीन साल पहले भूड़ स्थित मकान मे रहते थे। उन्होने वह मकान बेचकर कहकशा अपार्टमेट मे फ्लैट लिया था। उसी फ्लैट के उपरी मंजिल मे उनकी बहन साथ रहती थी।

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