जागरण संवाददाता, बरेली : परिवहन विभाग ने वर्ष 1988 से पहले के गैर री-रजिस्टर्ड वाहनों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहली लिस्ट में 730 वाहन हैं। इनका रजिस्ट्रेशन अवकाश खत्म होते ही सोमवार को पहले छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसके अलावा करीब और 50 हजार वाहन परिवहन विभाग की लिस्ट में हैं, जिन्होंने अभी तक री-रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। दोबारा पंजीकरण न कराने की स्थिति में इन वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। निलंबन अवधि के दौरान यानी छह महीने में भी वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया तो पंजीकरण हमेशा के लिए रद कर दिया जाएगा।

अधिकांश वाहनों के तीन अल्फाबेट नंबर

परिवहन महकमे में वर्ष 1989 में यूपी-25 की सीरीज शुरू हुई थी। इससे पहले वर्ष 1988 तक तीन अल्फाबेट जैसे यूटीआइ-यूजीएल से रजिस्ट्रेशन नंबर की शुरुआत होती थी। पहली लिस्ट में अधिकतर वाहन तीन अल्फाबेट से शुरू होने वाले ही हैं। महज 15 से 20 वाहन ऐसे हैं जो यूपी-25 सीरीज के हैं। इन वाहनों के खिलाफ होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग जल्द उन वाहनों को कंडम घोषित करना शुरू देगा जिन्होंने 15 साल पूरे होने के बाद वाहनों का पुन: रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। शहर में बिना री-रजिस्ट्रेशन वाले करीब 50,893 वाहन हैं। वाहन का पंजीकरण निरस्त होने के बाद गाड़ी पकड़े जाने पर उसे हमेशा के लिए सीज कर दिया जाएगा। प्रतिदिन हो रहे 15 से 20 री-रजिस्ट्रेशन

परिवहन विभाग के सार्वजनिक नोटिस के बाद दफ्तर में हर रोज तकरीबन 15 से 20 वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। इनमें ऐसे वाहन भी हैं जिन्होंने वर्ष 1960 के बाद से कभी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। दोपहिया वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिमाह 300 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 500 रुपये प्रतिमाह विलंब शुल्क तय किया गया है। वर्जन

नोटिस के बावजूद जिन वाहन मालिकों ने री-रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके वाहनों का पंजीकरण पहले छह महीने के लिए निरस्त होगा। पहले चरण में 700 से ज्यादा वाहनों पर सोमवार को ही कार्रवाई की जाएगी।

- आरपी सिंह, एआरटीओ (प्रशासन), बरेली

Posted By: Jagran

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