बरेली, जेएनएन: त्रिशूल हवाई अड्डे से सटकर बनने वाले नाथ नगरी एयर टर्मिनल के लिए कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। अब तक हुए कामकाज की समीक्षा की गई। देखा गया कि किस विभाग ने कितना काम पूरा किया और कितना अभी रह गया है। प्रस्तावित कामों के स्टीमेट भी लिए गए। ड्रेनेज प्लान पर 64 लाख खर्च किए जाएंगे।

विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी सुल्तान अशरफ सिद्दीकी की अध्यक्षता वाली बैठक में जल निगम, विद्युत, लोकनिर्माण, दूरसंचार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अफसर मौजूद रहे। बारी-बारी सभी अफसरों से काम का प्रगति जानी गई। जलनिगम ने ड्रेनेज प्लान पर 64 लाख का खर्च आने का स्टीमेट सौंपा। किस तरह काम शुरू किया जाएगा यह भी स्पष्ट किया। बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जमीन भी चिह्नित करके दी गई। पेड़ काटने को लेकर तय हुआ कि वन विभाग से मिलकर सर्वे किया जाएगा। उसके बाद पैसा जमा करके पेड़ों के कटान स्वीकृति की प्रत्याशा में शुरू करा दिया जाएगा। दूरसंचार विभाग कनेक्टिविटी के लिए 54 लाख का स्टीमेट पहले ही दे चुका है। लोकनिर्माण विभाग को संपर्क मार्ग का निर्माण करना है। एक्सईएन ने अवगत कराया कि पैसा मिलते ही काम शुरू करा देंगे। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने बताया कि 15 दिन के बाद फिर से बैठक होगी। तैयारी प्रस्तावित कामों को जल्द पूरा करा लेने की है। बैठक में अफसरों को बताया गया कि त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्री के अंदर काम करने के लिए एनओसी भी जल्द मिलने की उम्मीद है। उसके लिए उच्च स्तरीय प्रयास चल रहे हैं। एनओसी मिलने पर डेढ़ साल के भीतर काम पूरा करना होगा।

Posted By: Jagran

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