बाराबंकी: लखनऊ अयोध्या हाईवे के निकट बड़ेल चौराहे के पास फर्जी तरीके से ट्रामा सेंटर संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में इसकी हकीकत सामने आई है। इन सभी के विरुद्ध मुकदमा कराया जाएगा। यहां पर करीब दो सौ मीटर की दूरी में पांच अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इनमें कुछ पर ट्रामा सेंटरों के बोर्ड लगे हैं। यहां गंभीर बीमारियों के इलाज और आपरेशन का दावा लिखे बैनरों में किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजी के निर्देश पर सीएचसी जाटा बरौली के अधीक्षक डा. कुलदीप मौर्य ने टीम के साथ ट्रामा सेंटर पर पहुंचकर जांच की तो एक भी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। जांच के दौरान अस्पतालों में पुरुष और महिला चिकित्सक मौजूद नहीं मिले, जबकि प्रसूताएं भर्ती पाई गईं। ट्रामा सेंटर जीएनएम की पढ़ाई कर रहे छात्रों के हवाले मिले। यही छात्र मरीजों का इलाज करते पाए गए। इतना ही नहीं किसी अस्पताल के पास ट्रामा सेंटर संचालित करने की सुविधाएं नहीं मिली और न ही इसका लाइसेंस मौजूद मिला। मरीजों मे प्रयोग करने के बाद खाली इंजेक्शन डस्टबिन में रखने के बजाय इधर-उधर फेंके जा रहे थे। सभी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट नियम का पालन होता नहीं मिला। इनसेट हाईवे के पास संचालित हो रहे अस्पतालों की जांच की गई सभी अस्पताल फर्जी तरीके से संचालित होते मिले हैं। अस्पतालों में महिला और पुरुष चिकित्सक नहीं मिले। छात्र मरीजों का इलाज करते मिले। सभी के विरुद्ध सीएमओ की अनुमति के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नियम विरुद्ध ट्रामा सेंटर नहीं चलेंगे। डा. कुलदीप मौर्य, अधीक्षक सीएचसी जाटा बरौली।

Edited By: Jagran