यूपी में गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले! पेराई सत्र से पहले ही मिलेगी पूरी जानकारी, ऑनलाइन होगा कैलेंडर
बाराबंकी के गन्ना किसानों को अब पेराई शुरू होने से पहले ही अपने गन्ने का पूरा हिसाब-किताब 'केनयूपी.इन' पोर्टल पर मिल जाएगा, जिसमें रकबा, उत्पादन और पर्चियों की जानकारी होगी।

गन्ना किसानों को पेराई सत्र से पहले ही मिलेगी पूरी जानकारी।
HighLights
गन्ना किसानों को पेराई से पहले मिलेगी पूरी जानकारी।
'केनयूपी.इन' पोर्टल पर ऑनलाइन होगा गन्ना कैलेंडर।
सितंबर तक प्री-कैलेंडर में सुधार का मिलेगा अवसर।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। गन्ना किसानों को इस बार पेराई शुरू होने का इंतजार किए बिना ही यह पता चल जाएगा कि उनके खेत का कितना रकबा दर्ज हुआ है, अनुमानित उत्पादन कितना है और पूरे सत्र में उन्हें कब-कब गन्ना आपूर्ति की पर्चियां मिलेंगी।
गन्ना विभाग सर्वे के बाद तैयार हो रहे आंकड़ों को अंतिम रूप देने में जुटा है। अंतिम गन्ना कैलेंडर चीनी मिलों का संचालन शुरू होने से पहले ‘केनयूपी.इन’ पोर्टल पर आनलाइन कर दिया जाएगा। किसान घर बैठे अपने गन्ने और पर्चियों का पूरा लेखा-जोखा देख सकेंगे।
जिले में गन्ना सर्वे का काम पूरा हो चुका है और किसानवार डाटा पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। सर्वे के अनुसार जिले में गन्ने का रकबा 10 हजार 536 हेक्टेयर पहुंच गया है, जबकि 50 लाख क्विंटल से अधिक उत्पादन का अनुमान है।
करीब 15 हजार किसानों के लिए लगभग आठ लाख 55 हजार तौल पर्चियां बनने की संभावना है। पर्चियां एसएमएस के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि उन्हें गन्ना आपूर्ति की तिथि की पहले से जानकारी मिल सके।
पहले प्री-कैलेंडर, फिर मिलेगा सुधार का अवसर
अंतिम कैलेंडर जारी करने से पहले विभाग प्री-कैलेंडर तैयार कर रहा है। इसमें रकबा, अनुमानित उत्पादन और पर्चियों का विवरण दर्ज रहेगा। सितंबर तक इसे किसानों को वितरित किया जाएगा।
यदि किसी किसान को अपने विवरण में कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो उसे सुधार कराने का मौका मिलेगा। समितियों में आयोजित होने वाले गन्ना किसान मेलों में आपत्तियों और त्रुटियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम कैलेंडर जारी होगा।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि बुढ़वल, हैदरगढ़, बाराबंकी और दरियाबाद सहकारी गन्ना विकास समितियों के 563 गन्ना गांवों के किसानों द्वारा जुलाई में दिए गए संशोधनों का निस्तारण किया जा रहा है। इसी के आधार पर प्री-कैलेंडर तैयार हो रहा है। गांवों में चल रहे सट्टा प्रदर्शन मेलों के माध्यम से किसानों को उनके दर्ज रकबे, उत्पादन और पर्चियों की जानकारी 31 अगस्त तक दी जाएगी।
पेराई से 15 दिन पहले पहुंचेंगी पर्चियां
नवंबर में चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। अंतिम कैलेंडर मिल संचालन से पहले आनलाइन कर दिया जाएगा, जबकि गन्ना आपूर्ति की पर्चियां पेराई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले जारी होने लगेंगी।
विभाग का मानना है कि समय रहते कैलेंडर और पर्चियों की जानकारी मिलने से किसानों को गन्ने की कटाई और आपूर्ति की तैयारी करने में सहूलियत होगी। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से शरदकालीन गन्ना बुआई के लिए बीज की व्यवस्था अभी से करने की अपील की है। गन्ना बुआई और विकास से जुड़ी जानकारी के लिए किसान गन्ना पर्यवेक्षक अथवा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।
