विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लेने लगा आकार, परियोजना के विकास के लिए 250 करोड़ की मिली मंजूरी

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:02 PM (IST)

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे औद्योगिक कॉरिडोर हैदरगढ़ में मूर्तरूप लेने लगा है, जिसके विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह परियोजना 241 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगी।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लेने लगा आकार।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लेने लगा आकार।

HighLights

  1. हैदरगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर अब आकार ले रहा है।

  2. परियोजना के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली।

  3. 241 हेक्टेयर में विकसित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

नरेन्द्र मिश्र, बाराबंकी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना हैदरगढ़ में मूर्तरूप लेने लगी है। 241.4697 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किए जाने वाला यह परिक्षेत्र पूर्वोत्तर का सबसे अहम औद्योगिक कॉरिडोर बन रहा है। यहां की कनेक्टविटी सबसे बेहतर है।

यही वजह है कि बिहार, झारखंड और ग्रेटर नोएडा बड़े निवेशकों को अपनी इकाई के लिए यहां की लोकेशन सुगम लग रही है। करीब 250 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जल्द ही विकास कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

पूर्वांचल और राजधानी को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर विकास और रोजगार की नई संभावनाओं का आधार बनने वाला साबित होगा। परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कुल 241.4697 हेक्टेयर प्रस्तावित क्षेत्रफल में निजी भूमि के करीब 70 प्रतिशत हिस्से का अधिग्रहण किया जा चुका है।

आपसी सहमति से जमीन नहीं मिलने पर अब अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे औद्योगिक निवेश का रास्ता साफ होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से विकसित की जा रही परियोजना में सतरही, बम्हरौली, पेचरूआ, बहरामपुर, घरकुइयां और अन्दूऊमऊ गांव प्रमुख तौर पर शामिल हैं।

विकासशील बनेंगे गांव

कॉरिडोर परियोजना के लिए कुल 221.07 हेक्टेयर निजी भूमि की जरूरत है। ऐसे में गांवों की जमीनों को को भी किसानों से सहमति के आधार पर लिया जा रहा है। परियोजना की परिधि में आने वाले गांवों को भी विकसित करने की योजना शामिल है।

पूर्वाचल और लखनऊ के बीच एक्सप्रेस-वे की वजह से पूर्वोत्तर के राज्यों की बेहतर कनेक्टविटी होने से हैदरगढ़ में विकसित किया जाने वाला पूर्वांचल कॉरिडोर औद्योगिक विकास के लिए बहुत अहम है। यहां की लोकेशन पूर्वी यूपी समेत बिहार और अन्य राज्यों के उद्यमियों को खूब भा रही है। -दिनेश चौरसिया, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र।

यह भी पढ़ें- सहारनपुर के बनर्जी मार्केट में पुलिस की कार्रवाई, 200 से ज्यादा नकली iPhone और पार्ट्स बरामद