राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय लिखेंगी प्रियंका सिंह रावत, बाराबंकी से राज्यसभा जाने वाली होंगी तीसरी महिला
भाजपा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाई गईं प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से उच्च सदन पहुंचने वाली तीसरी और भाजपा की पहली महिला होंगी।

प्रियंका रावत
HighLights
प्रियंका रावत भाजपा से राज्यसभा उम्मीदवार नामित।
बाराबंकी से तीसरी महिला, भाजपा की पहली सदस्य।
संगठन निष्ठा और जमीनी काम का परिणाम।
प्रेम अवस्थी, बाराबंकी। भाजपा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाई गईं प्रियंका सिंह रावत जिले से राज्यसभा जाने वाली तीसरी और भाजपा से पहली महिला होंगी। नवरात्र से पहले बदला राजनीतिक घटनाक्रम महिला सशक्तीकरण को बल देने वाला कदम माना जा रहा है। अनुसूचित जाति से होने के कारण असर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के परिणाम पर अनुकूल पड़ेगा।
जिले के राजनीतिक इतिहास में सात दशक पहले लेखिका और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बेगम अनीस किदवई पहली महिला थीं, जिनका पहला कार्यकाल 1956 से 1962 तक और दूसरा 1962 से दो अप्रैल 1968 तक रहा।
2014 में शुरू हुआ प्रियंका का राजनीतिक सफर
वर्ष 1954 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे उनके जेठ बड़ागांव मसौली के रफी अहमद किदवई के आकस्मिक निधन के बाद कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। उनके बाद मोहसिना किदवई वर्ष 30 जून 2004 से 29 जून 2016 तक राज्यसभा सदस्य रहीं। उस दौर में कांग्रेस राष्ट्रीय राजनीति की धुरी थी, आज भाजपा है। अब इसी कड़ी में प्रियंका रावत का नाम जुड़ने जा रहा है।
प्रियंका का राजनीतिक सफर 2014 में शुरू हुआ था, जब 28 साल की उम्र में उन्होंने बाराबंकी सुरक्षित सीट से कांग्रेस के दिग्गज सांसद डॉ. पीएल पुनिया को दो लाख से अधिक मतों से हराया था।
2019 में टिकट न मिलने के बाद भी उन्होंने धैर्य से काम लिया। भाजपा ने उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाकर संगठन की जिम्मेदारी दी, हाल ही में महामंत्री बनाया, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। संगठन के प्रति निष्ठा और जमीनी काम का ही परिणाम है कि पार्टी ने उन्हें उच्च सदन भेजने का फैसला किया है।
