बाराबंकी : गांवों की सफाई न होने से संचारी रोग पांव पसारते जा रहे हैं। त्रिवेदीगंज के मर्दापुर में दो बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग नहीं चेत रहा है। शुक्रवार को सूरतगंज के बनर्की गांव में एक दिव्यांग की वायरल से मौत हो गई। वहीं क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ सीएचसी पर लग रही है।

सूरतगंज : सूरतगंज के बनर्की गांव में बुखार से दिव्यांग इबरान (35) को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार रात करीब एक बजे तबियत बिगड़ने पर परिवारजन उसे उपचार के लिए महादेवा ले जा रहे थे कि इसी बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। बुखार में दिव्यांग का रक्तचाप काफी गिर गया था। गांवों में फैली गंदगी से लोगों को बीमारियों की सौगात दे रही है। सीएचसी सूरतगंज में तैनात डॉ. गौरव पांडे ने बताया कि इन दिनों वायरल और मलेरिया बुखार से पीड़ित करीब 200 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीज लापरवाही कतई न बरतें।

इनसेट : टीम ने गांव पहुंचकर दवा वितरित की

हैदरगढ़ सीएचसी से गठित टीम ने अंदऊमऊ, कौड़िया, गुलालपुर, जारमऊ व शुकुलपुर पहुंची। जारमऊ में टीम ने 54 लोगों की खून का तथा चार लोगों के डेंगू का सैंपल लिया। क्लोरीन की टेबलेट व अन्य दवा वितरित करके नालियों में ब्लीचिग पॉउडर का छिड़काव कराया। शुकुलपुर में 26 लोगों की खून जांच करके स्लाइड बनाई गई। ग्राम कौड़िया व गुलालपुर में 33 लोगों की स्लाइड बनी तथा एक डेंगू का सैंपल लिया। अंदऊमऊ में 43 लोगों को पैरासिटामोल, एंटीबॉयोटिक, ओआरएस तथा क्लोरीन की टेबलेट मरीजों को वितरित की। अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र राय ने बताया कि डेंगू का नमूना लेने के बाद जांच में डेंगू के लक्षण नहीं मिले। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की सुविधा के लिए सीएचसी पर चार बेड वाला ईटीसी सेंटर बनाया गया है। कोठी : सिद्धौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अचकामऊ में एक दर्जन लोग बुखार से पीड़ित हैं। सिद्धौर सीएचसी अधीक्षक डॉ. हरप्रीत को गांव में कैंप लगाकर दवा वितरित की।

Posted By: Jagran

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