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बाराबंकी में चार वर्ष से हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं, प्रारंभिक चिकित्सा के अभाव में थम गई पवन के दिल की धड़कन

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:49 AM (IST)

Medical Facilities in Barabanki: आवास विकास निवासी 50 वर्षीय पवन यादव को सीने में दर्द पर लाया गया। चिकित्सक न ...और पढ़ें

जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विभाग चार साल से चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ा

जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विभाग चार साल से चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ा

HighLights

  1. सरकार गांवों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती कर करती है बात, जिला अस्पताल में डाक्टर नहीं

  2. 2009 में आईसीसीयू में लगी था टीएमटी और इको मशीन

  3. 2016 में ट्रामा सेंटर का हुआ था लोकार्पण, ट्रामा जैसी एक भी सुविधा नहीं, नाम पर सिर्फ ड्रामा

प्रेम अवस्थी, बाराबंकी : इलाज के अभाव में रविवार की रात एक और हृदय रोगी पवन की जान चली गई। इससे पहले भी यहां से लीलावती और पप्पू को रेफर कर दिया गया। नेता और अफसरों के नाम के पत्थर दीवारों पर चमक रहे हैं, पर जनता की सांसें उखड़ रहीं और दिल की धड़कनें आए दिन थम रही हैं।

जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विभाग चार वर्ष से चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ा है। 2009 में राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत यहां हृदय रोग विभाग में नई आईसीसीयू, टीएमटी और इको-कलर डॉपलर मशीन का लोकार्पण तत्कालीन डीएम के. रवीन्द्र नायक ने किया था, शिलापट्ट आज भी लगा है, पर विभाग में ताला लटका है।

रविवार रात 11 बजे आवास विकास निवासी 50 वर्षीय पवन यादव को सीने में दर्द पर लाया गया। चिकित्सक न होने से लखनऊ भेजा गया, पर परिजन ले जा पाते उससे पहले 12 बजे मौत हो गई। जिंदगी की उम्मीद में आए परिजन शव लेकर लौटे। इससे पहले दोपहर ढाई बजे 45 वर्षीय पप्पू और तीन बजे 62 वर्षीय लीलावती को भी हृदयाघात पर लारी, लखनऊ भेजा गया।

चिकित्सक का न होना अब राजनीति का मुद्दा

हृदय रोग के चिकित्सक का न होना अब राजनीति का मुद्दा बन गया है। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिस ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया था उसका भी यही हाल है। भवन का पत्थर लगा है पर ट्रामा जैसी एक भी सुविधा नहीं मिल पाई है। उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक यहां चार बार दौरे में चिकित्सक की तैनाती का वादा कर गए, पर समस्या जस की तस है। सीएमओ डा. रंजन गौतम का कहना है कि शीघ्र ह्दय रोग का चिकित्सक मिल सकता है। मांग पत्र शासन को भेजा गया है।