यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गली से लेकर मुख्य मार्ग पर कूड़े का ढेर, घर-घर से कूड़ा उठान भी ठप
बाराबंकी भले ही स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में पूर्व के वर्षों में नगर पालिका परिषद नवाबगंज ने

बाराबंकी: भले ही स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में पूर्व के वर्षों में नगर पालिका परिषद नवाबगंज ने बेहतर स्थान बनाया था, लेकिन मौजूदा समय में सफाई व्यवस्था में नगर क्षेत्र पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रहा है। गली से लेकर मुख्य मार्ग तक कूड़े के ढेर लगे देखे जा सकते हैं। घर से कूड़े की उठान व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त है। रविवार को दैनिक जागरण की टीम ने कई मुहल्लों की पड़ताल की तो हर जगह गंदगी ही नजर आई। प्रस्तुत हैं रिपोर्ट. शहर के सत्यप्रेमीनगर भुईहारे बाबा मंदिर के निकट कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल है। यहां पर आबादी के मध्य सफाई कर्मी ही कूड़ा डंप कर देते हैं। फिर उसे कई दिन तक उठाया नहीं जाता है। यहीं हाल बड़ेल चौराहे के निकट हैदरगढ़ मुख्य मार्ग व लखनऊ अयोध्या मार्ग पर विजय नगर मोड़ के निकट दिखा। कूड़ा यहां भी डंप किया जा रहा है। अभयनगर में काशीराम कालोनी के निकट कूड़ा डंप किया जाता है। जिसे कई दिनों तक नहीं उठाया जाता है। वार्डो में नित्य नहीं पहुंचते सफाई कर्मी: घर से कूड़ा उठान तो पूरी तरह ठप ही है। बड़ेल के सरस्वती विहार कालोनी में गंदगी घर के बाहर फैली रहती है। यहां के निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण प्रसाद शुक्ला का कहना है कि घर से जब नगर पालिका गृहकर व जलकर प्राप्त करती है तो उसको मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखना होगा। फैक्ट फाइल वार्ड-29 आबादी- करीब ढाई लाख कुल स्थाई सफाई कर्मी- 143 ठेके पर रखे गए सफाई कर्मी- 324 हत्थू ठेले- 120 जेसीबी -तीन ट्राली -दो रोबोट मशीन छोटी -एक सुपरवाइजर -29
इनसेट: कूड़े की उठान वार्डो की गलियों से डंपिग प्लेस पर जाता है, फिर यहां से बनवा स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट पर लाया जाता है। वर्तमान समय में डोर टू डोर वाला प्लान बंद है। इसके लिए वे बात कर रहे हैं। उनका पूरा प्रयास होगा कि शहर में साफ सफाई व्यवस्था बेहतर हो।
पवन कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद, नवाबगंज, बाराबंकी।