बाराबंकी :लोधेश्वर महादेवा के रिसीवर ने सावन माह के पहले ही दिन हाथ खड़े कर मंदिर के कपाट ही बंद करवा दिए। प्रथम सोमवार को भी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे जबकि यहां दूर-दराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते रहे हैं।

रविवार को सावन माह के प्रथम दिन ही श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ देख रिसीवर हरि प्रसाद द्विवेदी ने मंदिर के कपाट बंद करवा दिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ सुबह व शाम पुजारी जलाभिषेक व पूजा करेंगे, जबकि, कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुसार पांच-पांच श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकते थे। रिसीवर ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल के तहत जलाभिषेक व्यवस्था करवा पाना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में मंदिर के कपाट बंद कराना ही उचित निर्णय लगा।

कपाट बंद होने से श्रद्धालु मंदिर के गेट पर ही माथा टेककर लौट गए। दूर-दराज से चलकर आए श्रद्धालुओं ने नाराजगी भी जताई। श्रद्धालु जगदंबा, यमुना प्रसाद, जगराम सहित अन्य का कहना था कि सावन माह के पहले ही दिन से मंदिर बंद किया जाना उचित नहीं है। प्रशासन को कोविड नियमों के तहत जलाभिषेक की व्यवस्था करानी चाहिए थी। एक-एक श्रद्धालु करेगा जलाभिषेक : गोमती नदी के तट पर स्थित औसानेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को एक-एक श्रद्धालु जलाभिषेक करेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय गिरि ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के दृष्टिगत एक-एक श्रद्धालु के जलाभिषेक का निर्णय लिया गया है। मंदिर परिसर में इस बार मेला भी नहीं लगेगा। इसी तरह कुंतेश्वर महादेव मंदिर कितूर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सिद्धौर, खसपरिया स्थित मत्थेश्वर महादेव मंदिर, नगर के नागेश्वर नाथ मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर कैलाश आश्रम सहित अन्य शिवालयों में कोविड-नियमों के अनुरूप जलभिषेक की व्यवस्था रहेगी।

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