बाराबंकी में रेलवे स्टेशन पर करोड़ों खर्च के बाद भी यात्रियों के लिए पीने का पानी नहीं और पंखे बने शोपीस
करोड़ों की लागत से दोहरीकरण और विस्तारीकरण के बावजूद फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना ...और पढ़ें

व-निर्मित प्लेटफार्मों पर पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
संवाद सूत्र, फतेहपुर (बाराबंकी)। : बुढ़वल-सीतापुर रेल खंड के दोहरीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तारीकरण और उपरिगामी पुल निर्माण का काम पूरा होने के बाद भी फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से बने नव-निर्मित प्लेटफार्मों पर पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
रेलवे ने यहां दो नए प्लेटफॉर्म (नंबर दो व तीन) बनाए हैं और एक से दो-तीन पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज भी तैयार किया है। निर्माण के दौरान महीनों तक ट्रेनों का संचालन ठप रहने से क्षेत्रीय जनता ने भारी परेशानी झेली, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं सुधरा। स्थिति यह है कि प्लेटफॉर्म नंबर दो व तीन पर पीने के पानी के लिए बनाए गए तीन वाटर प्वाइंट शोपीस बने हैं।
टोटियां गायब हैं और जिनमें टोटियां हैं उनमें सप्लाई नहीं आती। दोनों प्लेटफार्मों पर एक भी इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं लगा है। पानी के लिए यात्रियों को फुटओवर ब्रिज पार कर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जाना पड़ता है, जिससे ट्रेन छूटने का डर बना रहता है। प्लेटफॉर्म नंबर एक की हालत भी बदतर है। यहां लगे दो सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं, नलों की टोटियां टूटी हैं और पंखे हवा नहीं देते।
जबकि रोजाना सैकड़ों यात्री यहां से चढ़ते-उतरते हैं। ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी, इसकी उद्घोषणा भी यदा-कदा ही होती है। यात्रियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन रेल विभाग बेखबर बना है। स्टेशन मास्टर बृज कुमार ने बताया कि समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और वाटर सप्लाई की मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं।