बाराबंकी देवा मेला: अफसरों के नाक के नीचे उगाही का खेल, दुकानदारों से खुलेआम चल रही लाखों की वसूली
देवा मेले में पटरी दुकानदारों से हो रही लाखों की अवैध वसूली पर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी जिम्मेदारी न मेला समिति ले रही है और न ही नगर पंचायत।
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देवा मेले में पटरी दुकानदारों से लाखों की अवैध वसूली
HighLights
देवा मेले में पटरी दुकानदारों से अवैध वसूली का आरोप।
मेला समिति और नगर पंचायत दोनों ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा।
सरकारी पटरी पर मनमानी वसूली की जांच की मांग उठी।
संवाद सूत्र, जागरण, देवा(बाराबंकी)। देवा मेले के नाम पर पटरी दुकानदारों से हो रही लाखों की वसूली सवालों के घेरे में है। ठेले-खोमचे वालों से किराया कौन वसूल रहा है, इसका जवाब न मेला समिति के पास है और न नगर पंचायत के पास। जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन हर साल वसूली बदस्तूर जारी है। लोगों ने इस खेल की जांच की मांग उठाई है।
नियमानुसार पुरानी यूनियन बैंक तक मेला समिति की सीमा है, जहां समिति दुकानों का आवंटन कर किराया लेती है। उसके आगे दरगाह, फतेहपुर रोड और कुर्सी रोड तक नगर पंचायत क्षेत्र है। यहां भी सैकड़ों दुकानें व ठेले लगते हैं। पटरी दुकानदार अहमद, कल्लू, रसूले और शकीना का आरोप है कि सरकारी पटरी पर लगने वाली दुकानों का किराया पीछे के जमीन मालिक 10 दिन के लिए मनमानी वसूली करते हैं।
यही हाल मालगोदाम पटरी व कस्बे की अन्य सरकारी जमीनों का है। मेला सुपरवाइजर इक्तिदार अहमद ने कहा कि नगर पंचायत सीमा में समिति का कोई हस्तक्षेप नहीं है। वहीं ईओ संध्या मिश्रा ने कहा कि नगर पंचायत कोई वसूली नहीं करती। वसूली की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
