बाराबंकी-मल्हौर चौथी रेलवे लाइन का निर्माण इसी साल होगा पूरा, ट्रेनों की रफ्तार को मिलेगी गति
लखनऊ के मल्हौर रेलखंड पर चौथी रेलवे लाइन का निर्माण इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है, जिससे ट्रेनों की ...और पढ़ें

HighLights
चौथी रेलवे लाइन का निर्माण इस वर्ष होगा पूरा।
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, लेटलतीफी में आएगी कमी।
बाराबंकी और पूर्वांचल के बीच रेल संपर्क होगा मजबूत।
वी. राजा, बाराबंकी। लखनऊ के मल्हौर रेलखंड पर बिछाई जा रही चौथी रेलवे लाइन का निर्माण इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है। इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही, साथ ही ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी।
अभी तक बाराबंकी-गोरखपुर के बीच तीन और बाराबंकी-अयोध्या के बीच दो रेल ट्रैक हैं। बाराबंकी-लखनऊ के बीच अभी दो ट्रैक पर ही ट्रेनों का संचालन हो रहा है। चौथा ट्रैक संचालित होने से यात्रियों की यात्रा सुगम हो जाएगी।
प्रतिदिन बाराबंकी मुख्यालय के रेलवे स्टेशन से अप और डाउन दिशा में 140 यात्री ट्रेनें और 30 मालगाड़ियां गुजरती हैं। बाराबंकी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन औसतन आठ हजार यात्री सफर करते हैं।
स्टेशन पर करीब 280 एमएसटी धारक हैं। हर माह यहां करीब 90 से 95 हजार टिकटों की बिक्री होती है। चौथी रेलवे लाइन शुरू होने के बाद इन सभी को समय की बचत, बेहतर समय पालन और अधिक सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
पूर्वांचल से रेल संपर्क होगा मजबूत
लखनऊ-अयोध्या रेलखंड के दोहरीकरण और बाराबंकी-गोरखपुर ट्रिपल लाइन के बाद बाराबंकी-मल्हौर चौथी रेल लाइन का निर्माण के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इसके संचालन से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूर्वांचल और राजधानी के बीच रेल संपर्क अधिक मजबूत होगा।
ट्रेनों का विलंबन होगा कम
तीसरी और चौथी रेल लाइन से ट्रेनों की क्रासिंग और ओवरटेकिंग आसान हो जाएगी। आउटर पर ट्रेनों को लंबे समय तक सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक्सप्रेस ट्रेनों व मालगाड़ियों का संचालन बेहतर हो सकेगा।
नए ट्रैक से ट्रेनों के संचालन में आने वाली बाधाएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी। वर्तमान में इस सेक्शन पर केवल दो ट्रैक होने के कारण ट्रेनों का दबाव सबसे अधिक रहता है। यह काफी कम हो जाएगा। -एके रायजादा, स्टेशन अधीक्षक बाराबंकी।
